अशोक विहार कॉलोनी में हथियारबंद 40 लोगों ने एक युवक का अपहरण कर तीन घंटे तक बंद कमरे में बंधक बनाकर रखा। हमलावरों ने तलवार व लाठी डंडों से युवक को पीट पीटकर अधमरा कर दिया। युवक की एक पैर की हड्डी तीन जगह से तोड़ दी। युवक को सिविल अस्पताल लाया गया, जहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया गया। परिजन उसे सनौली रोड स्थित निजी अस्पताल में ले गए, जहां उसके पैर व हाथ का ऑपरेशन चल रहा है। पुलिस ने मामले में आरोपियों पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रमेश चंद निवासी अशोक विहार कॉलोनी ने बताया कि उसके दो बेटे हैं। बड़ा बेटा सुमित चांदी के आभूषण की डिलिवरी करता है और छोटा बेटा मनीष टैक्सी चालक है। डाबर कॉलोनी के रहने वाले अतर सिंह, विशाल व गौरव मनीष के साथ रंजिश रखे हुए हैं। इन्होंने कई लोगों के साथ मिलकर उनकी टैक्सी के शीशे भी तोड़ दिए थे। शुक्रवार रात को ये तीनों करीबन 40 लोगों के साथ आए थे। ये सब तलवार और लाठी डंडों से लैस थे। ये घर में घुस आए और मनीष के बारे में पूछने लगे। मनीष घर पर नहीं मिला तो सुमित का मुंह दबाकर उसका अपहरण कर लिया और उसे उठाकर डाबर कॉलोनी में अपने कार्यालय पर ले गए। यहां 20 युवक ऑफिस के बाहर खड़े हो गए, जबकि 20 युवक अंदर ऑफिस में थे। इन्होंने लाठी डंडों से सुमित पर हमला कर दिया। सुमित को गंभीर रूप से घायल कर अशोक विहार कॉलोनी में गली में फेंक गए।