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करवाचौथ पर चक्रवात 'अर्नब' व बादलों का पहरा: हरियाणा में चांद को लेकर सुहागिनों की चिंता बढ़ी, येलो अलर्ट जारी

Thu, 29 Oct 2026 09:49 AM IST
Naveen अमर उजाला नेटवर्क, हरियाणा

सार

हरियाणा में ग्रामीण इलाकों में करवाचौथ की खुशियों के बीच किसानों की चिंता भी गहरा गई है। मंडियों और खेतों में कटी पड़ी धान की फसल को भीगने से बचाने के लिए किसान परिवार दिनभर तिरपाल और पन्नियों के इंतजाम में जुटे रहे।
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करवाचौथ (सांकेतिक) - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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इस बार करवाचौथ के पावन पर्व पर सुहागिनों के इंतजार की परीक्षा सिर्फ भूख-प्यास ही नहीं, बल्कि मौसम का मिजाज भी लेने वाला है। चक्रवात 'अर्नब' और पश्चिमी विक्षोभ के मिले-जुले असर से दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में मौसम पूरी तरह बदल गया है। गुरुवार सुबह से ही आसमान में घने काले बादलों ने डेरा डाल रखा है और कई जगहों पर बूंदाबांदी शुरू हो चुकी है। ऐसे में व्रती महिलाओं के मन में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है, क्या शाम को बादलों की ओट से चांद का दीदार आसानी से हो पाएगा?

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मौसम विभाग ने 29 से 31 अक्तूबर के दौरान ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। तेज ठंडी हवाओं और रिमझिम फुहारों के कारण पारे में भारी गिरावट आई है, जिससे करवाचौथ की शाम सिहरन और हल्की ठंडक के बीच गुजरेगी।

छतों पर सजेगी थाली, पर बादलों की आंख-मिचौली तय
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान 'अर्नब' और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते उत्तर भारत में नमी काफी बढ़ गई है। पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, करनाल, पानीपत, सोनीपत, फरीदाबाद और पलवल में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। यहां बादलों का पहरा इतना घना रह सकता है कि व्रतियों को अर्घ्य देने के लिए चांद देखने में लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। वहीं, दिल्ली, गुरुग्राम, रोहतक, हिसार, झज्जर, रेवाड़ी और भिवानी सहित आसपास के इलाकों में तेज हवाओं के साथ रुक-रुक कर बूंदाबांदी हो सकती है। शाम के समय बादलों और चांद के बीच आंख-मिचौली देखने को मिल सकती है।
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शॉल-कार्डिगन के साथ मनेगा पर्व, किसानों के घरों में दोहरी चिंता
मौसम में आए इस बदलाव ने त्योहार की तैयारियों में गर्म कपड़ों को भी शामिल कर दिया है। करवाचौथ की पूजा और चांद देखने के लिए छतों पर जाने वाली महिलाओं को हल्की ठंड से बचाव के लिए शॉल या स्टोल का सहारा लेना पड़ेगा।

वहीं दूसरी ओर, ग्रामीण इलाकों में करवाचौथ की खुशियों के बीच किसानों की चिंता भी गहरा गई है। मंडियों और खेतों में कटी पड़ी धान की फसल को भीगने से बचाने के लिए किसान परिवार दिनभर तिरपाल और पन्नियों के इंतजाम में जुटे रहे। घरों में व्रत की तैयारी और खेतों में फसल बचाने की जुगत के बीच यह करवाचौथ उम्मीद और इंतजार दोनों से भरा नजर आ रहा है।

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