पानीपत। होली नजदीक आते ही स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ लगातार बढ़ने लगी है। बाहर राज्यों में काम करने वाले लोग अपने घरों की ओर लौट रहे हैं जिसके चलते ट्रेनों में यात्रियों का दबाव अचानक बढ़ गया है। रविवार को स्टेशन पर हालात ऐसे नजर आए कि जनरल कोच यात्रियों की संख्या के आगे पूरी तरह कम पड़ गए। कई ट्रेनों में क्षमता से लगभग दोगुनी भीड़ देखने को मिली और यात्री दरवाजों तक लटक कर सफर करने को मजबूर नजर आए।
ट्रेन के प्लेटफार्म पर पहुंचते ही यात्रियों में सीट पाने की होड़ मच गई। भारी भीड़ के कारण कई स्थानों पर धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने और उतरने तक में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्लीपर कोच से लेकर जनरल डिब्बों तक हर जगह सीटों को लेकर खींचतान होती रही। कई यात्रियों ने आरोप लगाया कि भीड़ नियंत्रण के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं।
यात्रियों की परेशानी केवल भीड़ तक सीमित नहीं रही। स्टेशन पर पेयजल व्यवस्था भी लड़खड़ाती नजर आई। प्लेटफार्म पर लगे कई पानी के कूलर या तो बंद मिले या उनमें पानी की पर्याप्त उपलब्धता नहीं थी। गर्मी बढ़ने के साथ लंबा इंतजार कर रहे यात्रियों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा।
यात्री रानी और अंजली ने बताया कि त्योहारों के दौरान महिलाओं और बच्चों के लिए अलग से सुरक्षा व्यवस्था और अतिरिक्त कोच लगाए जाने चाहिए। भीड़ अधिक होने के कारण महिलाओं को ट्रेन में चढ़ने में काफी दिक्कत हुई और कई बार असुरक्षा की भावना भी बन जाती है। त्योहार के समय जब भीड़ बढ़ती है, तब पानी और साफ-सफाई की व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए, लेकिन इस ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।
भीड़ को देखते हुए आरपीएफ और जीआरपी को अतिरिक्त रूप से तैनात किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए जीआरपी और आरपीएफ के चार-चार अतिरिक्त जवान स्टेशन पर लगाए गए हैं। प्लेटफार्म, प्रवेश द्वार और फुटओवर ब्रिज पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
जीआरपी थाना प्रभारी धर्मपाल और आरपीएफ थाना प्रभारी दिनेश कुमार मीना ने बताया कि होली के मद्देनजर स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के साथ भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लगातार गश्त की जा रही है।