पानीपत। क्रिटिकल केयर एंड ट्रामा सेंटर का प्रोजेक्ट पांच साल से केवल योजना में रहा गया है। पांच साल बीत जाने के बाद भी अधिकारियों द्वारा इसे मूर्त नहीं दी गई है। अब तक सेंटर का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। सेंटर के लिए एक सप्ताह पहले ही स्वास्थ्य विभाग ने केंद्रीय लोक निर्माण विभाग ( सीपीडब्ल्यूडी ) के खाते में 20 करोड़ रुपये भेजे गए हैं। जुलाई के आखिरी सप्ताह तक टेंडर जारी होने की संभावना है।
पांच साल पहले कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला नागरिक अस्पताल में क्रिटिकल केयर एंड ट्रामा सेंटर बनाने का निर्णय लिया था लेकिन अब तक केवल प्रोजेक्ट योजना तक सिमट कर रह गया था। अब आखिरकार पांच साल बाद विभाग जागा है। अब इसके लिए नक्शा बनाया गया है और संभावना है कि जुलाई के आखिरी सप्ताह तक सेंटर का टेंडर जारी हो जाएगा। यह केंद्र का प्रोजेक्ट है। इसके लिए अक्टूबर 2024 में स्वास्थ्य विभाग ने सीपीडब्ल्यूडी के खाते में साढ़े पांच लाख रुपये भेजे थे। वहीं एक सप्ताह पहले ही विभाग ने 20 करोड़ रुपये सीपीडब्ल्यूडी के खाते में भेजें है। ताकि सेंटर का टेंडर जारी कर निर्माण कार्य शुरू किया जा सके। सेंटर जिला नागरिक अस्पताल में आइपीडी ब्लॉक के पीछे एक एकड़ में बनेगा।
लगभग 60 प्रकार के मरीजों के स्वास्थ्य की होगी जांच-
औद्योगिक नगरी में बढ़ती लोगों की संख्या को देखते हुए कोरोना काल में स्वास्थ्य विभाग ने जिला नागरिक अस्पताल में क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनाने का फैसला लिया था। अब इसका नाम बदलकर क्रिटिकल केयर एंड ट्रामा सेंटर रखा गया है। सेंटर बनने से 60 प्रकार के मरीजों के सुविधा मिलेगी। सेंटर में मुख्य रूप से सीसीयू में न्यूरो, फेफड़ों, गंभीर चोट का इलाज करने के लिए न्यूरोलाजिस्ट भी होंगे। वहीं सेंटर में महिला व बच्चों संबंधी रोगों की जांच भी की जाएगी।
वर्जन
क्रिटिकल केयर एंड ट्रामा सेंटर का प्रोजेक्ट केंद्र का है। इसका जुलाई के आखिरी सप्ताह तक टेंडर जारी होने की संभावना है। ट्रामा सेंटर संभालने के लिए स्टाफ की व्यवस्था करने में परेशानी नहीं होगी क्योंकि नई लेबोरेट्री की जिम्मेदारी अस्पताल के ही लैब टेक्नीशियन संभालेंगे। सेंटर में लगभग 60 प्रकार के मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की जाएगी। ट्रामा सेंटर शुरू होने से गंभीर रोगियों को अब खानपुर या रोहतक पीजीआई रेफर नहीं करना पड़ेगा।
डॉ. विजय मलिक, सीएमओ