गांव बड़ौली में डकैती डालने के आरोप में पकड़े गए आरोपी को पुलिस ने मानसिक रोगी बताकर छोड़ दिया। इससे ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस आरोपी को बचाने का प्रयास कर रही है। यही कारण है कि एक आरोपी को मानसिक रोगी बता कर छोड़ दिया। वारदात के दो दिन बाद भी अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास नहीं किए गए। दूसरी तरफ पुलिस ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि गिरफ्तार आरोपी मानसिक रोगी था। उसके परिजनों ने बीमारी से संबंधित मेडिकल रिपोर्ट दिखाई हैं। इसलिए उसे छोड़ा गया। आरोपी को सोमवार को पेश होने के लिए कहा है। उसका पीजीआई रोहतक में बोर्ड से मेडिकल करवा कर सही स्थिति का पता लगाया जाएगा।
गांव बड़ौली निवासी एडवोकेट जगपाल सिंह, सरपंच प्रेम सिंह, रणधीर सिंह, राजेश, रतन सिंह, जयपाल ने बताया कि वीरवार रात बड़ौली में रतन सिंह के डेरे पर हथियारबंद छह बदमाशों ने धावा बोला था। लोगों ने एक बदमाश को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था। आरोपी ने अपनी पहचान गोरखपुर निवासी भरत के रूप में दी थी। आरोप है कि पुलिस ने आरोपी से मिलीभगत कर उसे मानसिक रोगी बताते हुए छोड़ दिया। आरोप है कि यदि पकड़ा गया आरोपी मानसिक रोगी है तो उसने अपना नाम, घरवालों का पता, मोबाइल नंबर और अपना दसवीं कक्षा का रोल नंबर कैसे बता दिया। आरोपी ने डेरे पर पहले भी लूट की वारदात कैसे कबूली कर ली। ग्रामीणों का कहना है कि कोई भी मानसिक रोगी डकैती से डाल सकता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए और फरार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि अगर डकैती डालने के आरोपियों को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया तो वे लोग एसपी से शिकायत करेंगे।
बड़ौली में ग्रामीणों द्वारा पकड़ा गया आरोपी को परिजनों ने मानसिक रोगी बताते हुए उसकी मेडिकल रिपोर्ट दिखाई थी। आरोपी को लुधियाना निवासी उसके भाई सोनू के हवाले करते हुए सोमवार को पेश होने की बात कही थी। सोमवार को आरोपी का रोहतक पीजीआई में बोर्ड द्वारा मेडिकल करवाया जाएगा। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
चंद्र मोहन, प्रभारी (ट्रेनी आईपीएस), थाना सदर, पानीपत।