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मेयर सुरेश वर्मा गिरफ्तार, एक लाख के मुचलके पर छोड़ा

Sun, 06 Nov 2016 11:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/ पानीपत
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पानीपत - फोटो : bureau
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सीआईए-टू ने तीन दिन में कुल 15 घंटे की पूछताछ और 287 प्रश्न पूछने के बाद आखिरकार मेयर सुरेश वर्मा को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें पानीपत ग्रामीण विकास मोर्चा के अध्यक्ष सतपाल राणा पर जानलेवा हमला करने और षड्यंत्र रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
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हालांकि, बाद में मेयर को एक लाख रुपये की जमानत और मुचलके पर छोड़ दिया। सोमवार को सीआईए-टू कोर्ट में दो पेज की जांच रिपोर्ट सौंपकर मेयर सुरेश वर्मा की जमानत याचिका खारिज करने और उनको पुलिस कस्टडी मांगेगी। सीआईए-टू ने सतपाल राणा पर जानलेवा हमले के मामले में मेयर सुरेश वर्मा के शामिल होने का दावा किया है।

दूसरी तरफ मेयर सुरेश वर्मा ने खुद को बेकसूर बताते हुए पुलिस पर पॉलिटिक्ल प्रेशर होने की बात कही। मेयर सुरेश वर्मा रविवार को दोपहर 12 बजे लगातार तीसरे दिन अपने वकील रमेश गुप्ता के साथ सीआईए-टू पहुंचे। सीआईए-टू प्रभारी मनोज वर्मा और अतिरिक्त प्रभारी बिजेंद्र त्यागी ने मेयर सुरेश वर्मा से पांच घंटे तक बंद कमरे में पूछताछ की।
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इस दौरान मेयर से 35 सवाल पूछे गए। पूछताछ के बाद मेयर सुरेश वर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया।

आज होगी कोर्ट में सुनवाई
सेशन कोर्ट ने मेयर सुरेश वर्मा को छह नवंबर तक अग्रिम जमानत दी है। अब कोर्ट में सात नवंबर को पूरे मामले पर सुनवाई होगी। मेयर सुरेश वर्मा अग्रिम जमानत लेने की पूरी कोशिश करेंगे। सीआईए-टू कोर्ट में अपनी तीन दिन की जांच रिपोर्ट पेेशकर मेयर सुरेश वर्मा की जमानत याचिका खारिज कराने और उनको कस्टडी में लेने की मांग करेगी।

मेयर ने बताया कि वे सोमवार को कोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे। उन्होंने पुलिस पर भी राजैनैतिक दबाव में काम करने का आरोप लगाया।

जवाब देते मेयर का सूखा गला, बार-बार मांगा पानी
सीआईए-टू ने मेयर सुरेश वर्मा से लगातार तीसरे दिन भी पांच घंटे तक पूछताछ की। सीआईए-टू ने मेयर से 35 प्रश्नों का जवाब जाना। सीआईए-टू प्रभारी मनोज के अनुसार मेयर वर्मा हर प्रश्न पर अटक रहे थे और बार-बार पानी मांग रहे थे। मेयर की हरकतें और उनके अंदर का डर भी उन्हें शक के दायरे में ला रहा है।

पुलिस का दावा मेयर ने मीटिंग में रचा षड़यंत्र
सीआईए-टू प्रभारी मनोज वर्मा ने तीसरे दिन की पूछताछ में मेयर सुरेश वर्मा के सामने ही उनकी मामले में भूमिका के सबूत रख दिए। सीआईए-टू प्रभारी मनोज वर्मा ने मेयर से पूछताछ के दौरान कहा कि पुलिस के पास उनके अपने कार्यालय में मीटिंग करने और सतपाल राणा पर हमले का षड़यंत्र रचने के सबूत हैं।

इसके बाद भी मेयर सुरेश वर्मा उस वक्त खुद को करनाल में एक समारोह में उपस्थित होने की बात पर अड़े रहे। हालांकि , वे अपने दावे के समर्थन में सबूत पेश नहीं कर सके।

पुलिस को भी पता है, उन्होंने कुछ नहीं किया
मेयर सुरेश वर्मा ने बताया कि उनसे पूछताछ के दौरान पुलिस अधिकारियों ने बार-बार कहा कि पुलिस को पता है कि उन्होंने कुछ नहीं किया है, लेकिन पुलिस के ऊपर राजनीतिक दबाव है। इसलिए पुलिस को उनसे बार-बार पूछताछ करनी पड़ रही है। दूसरी तरफ सीआईए-टू प्रभारी मनोज वर्मा ने मेयर के सभी आरोपों को खारिज कर दिया।

यह है मामला
16 अक्तूबर की रात डाबर कॉलोनी में वाल्मीकि जयंती के कार्यक्रम से लौटते वक्त पानीपत ग्रामीण मोर्चा के प्रधान सतपाल राणा पर जानलेवा हमला हुआ था। सतपाल राणा का आरोप था कि उसे गोली मारने की कोशिश की गई। पुलिस में दी शिकायत में सतपाल राणा ने मेयर सुरेश वर्मा व उसके पांच भाईयों

दलबीर वर्मा, संजय वर्मा, आजाद वर्मा धनपत वर्मा व विक्रम वर्मा समेत विक्की, सुखविंद्र उर्फ सूखा, पिंटू , सुभाष मलिक, गुल्लू व मुनीम कुंडू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस ने मामले की जांच के बाद पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने मेयर वर्मा के खिलाफ भी गिरफ्तारी का वारंट हासिल कर लिए थे।

कुर्सी का फैसला मंडल कमिश्नर के पाले में
सीआईए-टू के मेयर सुरेश वर्मा को सपताल राणा पर हमले के मामले में गिरफ्तार करने  से उनकी कुर्सी खतरे में दिख रही है। नगर निगम के जानकारों के अनुसार मंडल आयुक्त मेयर या ऐसे किसी भी जनप्रतिनिधि को निलंबित कर सकते हैं, जिनके खिलाफ किसी मामले की जांच चल रही हो। मंडल कमिश्नर यह फैसला निगम एक्ट की 37-ए धारा के तहत कर सकता है।

मेरा मामले से कोई लेना देना नहीं है। मुझे सिर्फ मेयर पद के कारण प्रताड़ित किया जा रहा है। भाजपा का एक नेता पूरा षड़यंत्र रच रहा है। मुझे कानून पर पूरा विश्वास है और मैं कानून का सम्मान करता हूं। मैंने तीन दिन की जांच के दौरान पुलिस का पूर्ण सहयोग किया है। सोमवार को मैं कोर्ट में अपना पक्ष रखूंगा।
सुरेश वर्मा, मेयर पानीपत

मेयर सुरेश वर्मा को तीन की पूछताछ और उनके खिलाफ अहम सुरागों के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने मेयर को एक लाख रुपये की जमानत और मुचलके पर छोड़ है। पुलिस सोमवार को अपनी दो पेज की जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर मेयर सुरेश की जमानत याचिका खारिज करने और उनको कस्टडी में लेने की मांग करेगी। पुलिस के पास मेयर सुरेश वर्मा के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं।
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मनोज वर्मा, प्रभारी सीआइए-टू पानीपत
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