पानीपत, करनाल, सोनीपत, दिल्ली, मुजफ्फरनगर समेत समेत कई जिलों में चोरी का पर्याय बन चुके भैंस चोर गिरोह को सीआईए वन ने धर दबोचा है। हालांकि अभी तक गिरोह का सरगना फरार है। चार दिन में भैंस खरीददार बनकर डेयरी में घुसते थे और रात को बंधक बनाकर भैंस चोरी कर लेते थे।
चोरों ने 31 जनवरी की गांव भैंसवाल से नौ भैंस की चोरी भी कबूली है। पुलिस ने भैंस चोर गिरोह को गांव भैंसवाल के पास से ही गिरफ्तार किया। गिरोह के कब्जे से एक कैंटर, देसी पिस्तौल व दो कारतूस बरामद किए गए। पुलिस ने सभी नौ आरोपियों को कोर्ट में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर ले लिया है।
सीआईए वन प्रभारी संदीप छिक्कारा ने बुधवार को थाने में पत्रकार वार्ता कर मामले का डेयरी व डेरों में पशु चोरी के मामलों का पटाक्षेप किया। उन्होंने बताया कि सीआईए वन ने मंगलवार शाम को गुप्त सूचना के आधार पर गांव भैंसवाल के पास से इलियास उर्फ पप्पु, अलिजान, आशिक उर्फ मोटा, शाजिद, निजामूदीन उर्फ नाज निवासी गांव मडिय़ाई, मेरठ युसुफ निवासी गांव नांगलगढ़, मेरठ, लक्ष्मण निवासी गांव हसनपुर, हापुड, यूपी, बाबल निवासी गांव अभयुपर, बागपत और रोहित निवासी खखेडा, यूपी को गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों पर पानीपत, करनाल, सोनीपत, दिल्ली, मुजफ्फरनगर और मरेठ समेत कई क्षेत्रों में भैंस चोरी करने आरोप हैं। पुलिस ने सभी नौ पर मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश किया। जहां से आरोपियों को तीन दिन के रिमांड पर ले लिया है।
डिकाडला में डेयरी लूट का किया खुलासा
सीआईए वन प्रभारी संदीप छिक्कारा ने बताया कि आरोपियों ने 31 जनवरी को गांव डिकाडला निवासी सुरजीत की डेयरी से चोरों ने नौकरों को बंधक बनाकर नौ भैंस चोरी कर ली थी। पुलिस आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही थी। पुलिस ने इनके पास से एक आइसर कैंटर, चार देसी पिस्तौल और सात जिंदा कारतूस बरामद किए है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने गांव डिकाडला की चोरी की वारदात को कबूल कर लिया। चोरों ने बताया कि वारदात को अंजाम देने से पहले उन्होंने 25 जनवरी को गांव में रेकी की थी। चोरों ने सभी नौ भैंस एक लाख 35 हजार में गिरोह के प्रमुख सनाजुदीन को बेच दिया था। सनाजुदीन ही उनसे भैंस खरीदता था। पुलिस सनाजुदीन की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
रात को बना लेते थे बंधक
सीआईए प्रभारी संदीप छिक्कारा ने बताया कि गिरोह काफी शातिर है। दिन में गांवों में भैंस खरीदार बनकर रेकी करता था। रात के वक्त डेयरी में मौजूद लोगों को बंधक बनाकर भैंस चोरजी कर लेता था। गिरोह भैंस चोरी कर कैंटर में लोड कर यमुना के रास्ते यूपी ले जाता था। जहां गिरोह का सरगना सनाजुदीन निवासी गांव मढिय़ाई, मेरठ इनसे भैंस खरीद लेता था। भैंसों को गांव सरधना, यूपी स्थित कैटल मार्केट में बेच दिया जाता था। आरोपियों पर करनाल और सोनीपत में भैंस चोरी के एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने सभी नौ आरोपियों को कोर्ट में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर ले लिया है।
कैंटर चालक मालिक से छुपकर डबल पैसों में लेता था बुकिंग
पुलिस की गिरफ्त में आए रोहित निवासी गांच खखेड़ा, यूपी ने बताया कि वह मुजफ्फरनगर में अपने मालिक का कैंटर चलाता है। वह मालिक की नजरों से बचाकर कैंटर को चोरों के कहने पर ले आता था। एक बार भैंस ले जाने पर उसे दस हजार रुपये मिलते थे। इसी लालच में वह चोरों के साथ शामिल रहता था।
आरोपियों का गांव मढ़ियाई भैंस चोर गांव के नाम से मशहूर
सीआईए वन प्रभारी संदीप छिक्कारा ने पत्रकार वार्ता ने बताया कि गिरोह का सरगना समेत पांच आरोपी गांव मढ़ियाई के रहने वाले है। मढ़ियाई गांव भैंस चोर गांव के नाम से भी मशहूर है। गांव के कई दर्जन आरोपी भैंस चोरी के मामलों में जेल में बंद है।