युवक का आरोप है कि दो चौकियों ने कार्रवाई नहीं की, इसराना थाना प्रभारी ने समझौते का दबाव बनाया। इसराना थाने में जबरदस्ती बैठाने पर युवक ने एसपी को फोन किया, एसपी ने छोड़ने का आदेश दिया।
पानीपत में गोहाना रोड स्थित एक स्पिनिंग मिल में एक श्रमिक को बंधक बनाकर पीटने का मामला सामने आया है। किशनपुरा निवासी श्रमिक का आरोप है कि काम छोड़ने की रंजिश में मिल मालिक ने अपने पार्टनर संग मिलकर उसका कार में अपहरण कर लिया और मिल में ले जाकर जमकर पीटा। वह अपनी शिकायत लेकर पहले सेक्टर 29 थाने गया, जहां से उसे किशनपुरा चौकी भेज दिया गया।
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चौकी प्रभारी ने क्षेत्राधिकार न होने का हवाला देते हुए उसे आठ मरला चौकी भेज दिया। वहां भी क्षेत्राधिकार न होने का हवाला देकर उसे वापस किशनपुरा चौकी भेज दिया गया। आरोप है कि इसराना थाने में बुलाकर उस पर समझौते का दबाव बनाया गया। वह राजी नहीं हुआ तो थाने में बैठाकर प्रताड़ित किया जाने लगा। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर उसे छोड़ा गया।
किशनपुरा निवासी डीके कुमार ने बताया कि वह पहले एक स्पिनिंग मिल में काम करता था। अब दूसरी मिल में मेंटेनेंस का काम करता है। पहले वाली मिल का मालिक उस पर वापस आने का दबाव बना रहा था। इसके लिए उसे 1.20 लाख रुपये एडवांस दिए। आठ मई को उसके मुख्य प्रबंधक ने फोन कर सिवाह गांव स्थित एक मिल में बुलाया। वह एक जानकार की बाइक लेकर गया।
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वहां मालिक और उसका पार्टनर मिला। उसने आरोप लगाया कि उसके पार्टनर ने जाते ही बाइक की चाबी छीन ली। उसका कार में अपहरण कर गोहाना रोड स्थित स्पिनिंग मिल में ले गए। जहां उसे कमरे में बंधक बना लिया और दोनों ने मिलकर उसकी पिटाई की। जेब से पर्स, हस्ताक्षर किए हुए चेक, डेबिट कार्ड निकाल लिए। कुछ दस्तावेजों पर उसके हस्ताक्षर करा लिए गए। उसके एक हजार रुपये निकाल लिए और उसे दोबारा सिवाह स्पिनिंग में ले गए। वहां उसे कमरे में बंद कर दिया। वह मौका पाकर वहां से भाग निकला।
एसपी को फोन किया तो पांच मिनट में छोड़ दिया-
डीके कुमार ने बताया कि वह शहर के थानों और चौकियों के चक्कर काटता रहा, लेकिन न्याय नहीं मिला। इस बीच उसे इसराना पुलिस ने बुला लिया। पुलिसकर्मियों ने उसे प्रताड़ित किया। उसने एसपी को फोन कर मामले की जानकारी दी। इसके पांच मिनट बाद ही थाने का एक मुलाजिम उसके पास आया और उसे छोड़ दिया। उसने मामले की शिकायत एसपी को दी है।
एक व्यक्ति ने फोन कर इसराना थाने में जबरदस्ती बैठाने की बात कही थी। मैंने थाना प्रभारी को फोन कर मामले की जानकारी ली। उसे छोड़ने का निर्देश दिया गया। पुलिस को मामले की निष्पक्ष जांच करने को कहा गया है। दोषी पर कार्रवाई की जाएगी। - अजीत सिंह शेखावत, एसपी।