हरियाणा के पानीपत के समालखा क्षेत्र के पांच युवकों को कोर्ट, एफसीआई और निजी कंपनी में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 40 लाख रुपये की ठगी करने के आरोपी को स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट पुलिस की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को पुलिस ने दिल्ली की रोहिणी कोर्ट से गुप्त सूचना पर गिरफ्तार किया।
आरोपी ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर बेरोजगार युवकों को सरकारी नौकरी के फर्जी पत्र देकर ठगी की वारदात को अंजाम दिया था। अब पुलिस ने आरोपी से रकम वसूल करने व उसकी पत्नी की गिरफ्तारी के लिए कोर्ट में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान उससे पूछताछ की जा रही है।
स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट इंचार्ज इंस्पेक्टर संदीप सिंह ने बताया कि समालखा पुलिस थाना में कालीरमना निवासी नवीन रमन ने आरोपी दिल्ली के बवाना निवासी दंपती सुरेंद्र मलिक व उसकी पत्नी ममता मलिक के खिलाफ शिकायत दी थी। आरोप है कि नवीन की सुरेंद्र मलिक से जान पहचान थी। सुरेंद्र मलिक दिल्ली में बिना परीक्षा के नौकरी दिलाने का दावा करता था।
उसने उसके गांव अहर निवासी साले अमित को दिल्ली एफसीआई में नौकरी भी दिलाई थी। इससे वो उसके विश्वास में आ गए। उसकी 2021 में एक कार्यक्रम में सुरेंद्र मलिक व उसकी पत्नी ममता मलिक से मुलाकात हुई थी। उन्होंने उसको नेस्ले कंपनी में एचआर में नौकरी दिलाने के लिए पांच लाख रुपये उसके दोस्त अजित को रोहिणी कोर्ट में नौकरी दिलाने के लिए साढ़े सात लाख रुपये मांगे थे।
ऐसे ही उसके दोस्त विशाल मल्होत्रा को दिल्ली तीस हजारी कोर्ट में परिचारक के पद पर व विक्रम को एफसीआई हरियाणा में क्लर्क के पद पर नौकरी लगवाने के 16 लाख रुपये मांगे थे। उन पांचों ने अलग अलग दिनाें में आरोपियों को 40 लाख रुपये दिए।
फरवरी 2022 और मार्च में उन सबको कोर्ट व एफसीआई में नौकरी का ज्वाइनिंग लेटर दिया गया। जब वो ज्वाइन करने गए तो पता चला कि यहां किसी पद के लिए फार्म निकले ही नहीं थे। ये पत्र फर्जी हैं। उन्होंने आरोपी सुरेंद्र व उसकी पत्नी ममता से अपने पैसे वापस मांगे। उन्होंने छह चेक दिए जो बाउंस हो गए।
इसके बाद इन्होंने पैसे वापस करने से इंकार कर दिया। पीड़ितों ने एसपी अजित सिंह को इसकी शिकायत दी थी। उन्होंने इस केस को स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट को सौंपा था। आरोपी सुरेंद्र को मंगलवार शाम को रोहिणी कोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया।