चोरी हुए 50 साल पुराने गहनों का बिल मांग रही पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। गांव करहंस में चोरों द्वारा दो घरों से चोरी किए गए लाखों रुपये के गहनों व नकदी के मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवालिया निशान उठ गया है। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करने की ब्याज पीड़ित परिवार से गहनों के बिल मांगे है, वहीं पीड़ित परिवारों का कहना है कि गहने 50 साल से अधिक पुराने थे वो इनका बिल कहां से दे। पीड़ित परिवार के लोगों में पुलिस की बिल की मांग के प्रति रोष बना हुआ है।
गत दिनों गांव करहंस में हुई दो मकानों में चोरी के मामले में चोरों का अब तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। मामले में पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट पीड़ित परिवार के लोगों ने पुलिस पर सवाल उठाए है। गांव करहंस निवासी धर्मबीर ने बताया कि चोरी की वारदात के एक सप्ताह बाद भी पुलिस ने किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है।
पुलिस मामले में कार्रवाई करने से बचने के लिए चोरी हुए सोने के जेवरातों के बिल मांग रही है। जबकि वह जेवरातों के बिल देने में असमर्थ है। चोरी हुए आभूषण 50 साल से भी अधिक पुराने है। उस वक्त गांव में ही जेवरात बनते थे। जिस सुनारों ने आभूषण तैयार किए थे उनकी भी मौत हो चुकी है। आभूषणों उनको उनके पूर्वजों द्वारा दिए गए थे। अब पुलिस कार्रवाई करने के लिए आभूषणों का बिल मांग कर कार्रवाई करने से बच रही है, वहीं पुलिस आभूषणों के बिलों को कार्रवाई के लिए आवश्यक बता रही है।
विदित है कि 11 अप्रैल की रात को चोरों ने गांव करहंस में पांच घरों में घुसपैट की थी। चोरों ने धर्मबीर व धर्मबीर सहरावत के घर से लाखों रुपये के जेवरात व नकदी चोरी की थी। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया था, लेकिन मामले में पुलिस की कार्रवाई एक कदम भी आगे नहीं बढ़ा पाई है।
वर्जन
पुलिस मामले की जांच कर रही है। चोरी हुए जेवरातों के बिलों की पुलिस कार्रवाई में आवश्यकता होती है। बिलों से मामले की सत्यता को जानने में सहायता मिलती है।
जसपाल सिंह, प्रभारी, थाना समालखा।