हरियाणा के पानीपत जिले के इसराना कस्बे के लक्ष्मी नगर में सोमवार की रात जनरेटर संचालक ने सात फाइनेंसर के दबाव में अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से खुद को गोली से उड़ा दिया। मंगलवार सुबह परिजनों को बिस्तर पर खून से लथपथ हालत में उसका शव मिला।
सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस के साथ एफएसएल टीम ने पहुंच कर साक्ष्य जुटाए। फिर पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों के हवाले कर दिया। परिजनों के बयानों पर पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में आनंद कुमार निवासी लक्ष्मी नगर इसराना ने बताया कि उसका बड़ा भाई प्रताप सिंह (52) पुत्र जिले सिंह इसराना की लक्ष्मी नगर नहर के पास रहता था। वह किराये पर जेनरेटर देने का काम करता था। प्रताप सिंह का बेटा राहुल रोहतक में अपना प्राइवेट काम कर रहा है।
इसी दौरान उसके भतीजे राहुल की जान पहचान रोहित निवासी बुआना लाखु से हुई थी। रोहित ने राहुल को बहका-फुसलाकर फाइनेंस के काम पर लगा दिया। भतीजे ने कुछ लोगों से करीब 30-32 लाख रुपये उधार लेकर रोहित के माध्यम चिराग वासी लक्ष्मी नगर को दे दिए। करीब पांच दिन पहले इसका प्रताप सिंह को पता चला।
प्रताप ने लेनदारों का कर्ज चुकाने के लिए समय मांगा लेकिन वे प्रताप पर दबाव बनाकर तुरंत देने की बात पर अड़े रहे। दबाव के चलते भतीजा डर के मारे रविवार से लापता है। आरोपी फाइनेंसर सोमवार को प्रताप के पास आए और उसे जबरदस्ती रोहित की दुकान पर भी ले गए। आनंद का आरोप है कि फाइनेंसर रुपये देने का दबाव बनाकर परिवार को मारने की भी धमकी दे रहे थे। इसी से परेशान होकर प्रताप ने सोमवार की रात लाइसेंसी रिवाल्वर से खुद को गोली मार ली।
पुलिस ने आनंद कुमार की शिकायत पर चिराग निवासी लक्ष्मी नगर इसराना, रोहित निवासी बुआना लाखु, युद्धबीर, छोटू निवासी सवा कलाना, मोहित निवासी कारद, काला उर्फ प्रवीण निवासी पूठर व विषु निवासी इसराना के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करेंगे
पुलिस ने मामले में आरोपी सात फाइनेंसर पर केस दर्ज कर लिया है। पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस मामले की हर पहलू पर जांच कर रही है। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। -दीपक कुमार, एसएचओ इसराना थाना पुलिस