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रिश्वत के पैसे लेने वाला थानेदार गिरफ्तार, हलवदार की तलाश जारी

Wed, 23 Nov 2016 11:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
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पानीपत। ऑफिस में 15 हजार की रिश्वत लेने के आरोप में फंसे सीआईए-टू के अतिरिक्त प्रभारी बिजेंद्र त्यागी और ईएसआई इंद्र सिंह को बचाने की विजिलेंस और पुलिस की चाल कोर्ट में शिकायतकर्ता के बयानों से बिगड़ गई। कोर्ट ने शिकायतकर्ता के बयान पर गौर करते हुए सीआईए-टू के अतिरिक्त प्रभारी बिजेंद्र त्यागी को मामले में शामिल करने और ईएसआई इंद्र सिंह को तुरंत गिरफ्तार करने के आदेश दे दिए। विजिलेंस ने इंद्र सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। उन्हें वीरवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। विजिलेंस की तीन टीमें अतिरिक्त प्रभारी बिजेंद्र त्यागी और हवलदार डिंपी की तलाश में जुट गई हैं।
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विजिलेंस ने बुधवार को थानेदारों और हवलदार पर 15 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप लगाने वाले रमेशंचद्र निवासी गांव नारायणा के कोर्ट में बयान कराए। रमेश चंद्र के बयान ने विजिलेंस के ईएसआई इंद्र सिंह को सरकारी गवाह बनाने के अरमानों पर पानी फेर दिया। रमेश चंद्र ने कोर्ट में सीआईए-वन के अतिरिक्त प्रभारी बिजेंद्र त्यागी, ईएसआई इंद्र सिंह, हवलदार डिंपी पर रिश्वत मांगने और रिश्वत न देने पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने के आरोप लगाए। शिकायतकर्ता ने सबूत भी कोर्ट के सामने रखे। रमेश चंद्र के बयान से विजिलेंस  के साथ ही पुलिस भी इंद्र सिंह और बिजेंद्र त्योगी को बचाने की चाल उलझ गई। कोर्ट ने विजिलेंस को इंद्र सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार करने और सीआईए-टू के अतिरिक्त प्रभारी बिजेंद्र त्यागी को जांच में शामिल करने के आदेश दे दिए। कोर्ट के आदेशों पर विजिलेंस ने इंद्र सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया।

यह है मामला
विदित है कि गांव नारायणा निवासी रमेश चंद्र की शिकायत पर विजिलेंस पानीपत ने सीआईए-टू में तैनात ईएसआई इंद्र सिंह को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों काबू कर लिया था। अतिरिक्त प्रभारी बिजेंद्र त्यागी भाग निकले थे। इस मामले का तीसरा आरोपी हवलदार डिंपी उस वक्त थाने में नहीं था। रमेश चंद्र ने शिकायत में बताया था कि सीआईए-टू उसके दामाद प्रदीप निवासी सुताना को झूठे मामले में फंसाने का भय दिखाकर उससे एक लाख की मांग कर रहे थे। बचाने के लिए 25 हजार रुपये में सौदा तय हुआ था। रमेश चंद्र ने हवलदार डिंपी को 15 हजार रुपये होने की बात बताई थी। आरोप है कि हवलदार डिंपी ने ये पैसे सीआईए-टू के नई अनाज मंडी स्थित थाने में देने के लिए कहा था। विजिलेंस ने मंगलवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार पानीपत जीवेंद्र मलिक को साथ लेकर अनाजमंडी स्थित सीआईए-टू के कार्यालय में छापा मारा था। डीएसपी विजिलेंस सुशील कुमार और डीएसपी पानीपत सिटी देशराज समेत विजिलेंस प्रभारी इंस्पेक्टर संदीप कुमार, सीआईए-टू प्रभारी मनोज वर्मा ने बंद कमरे में करीब तीन घंटे तक विजिलेंस दफ्तर में बैठक की। अधिकारियों ने सीआईएटू के अतिरिक्त प्रभारी बिजेंद्र त्यागी को मामले से निकाल दिया था। रिश्वत के पैसों के साथ पकड़े ईएएसआई इंद्र सिंह को सरकारी गवाह बनाकर हवलदार डिंपी को मुख्य आरोपी बना लिया था।
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सुबह एसपी व शाम को डीएसपी पहुंचे
इस मामले में एसपी पतराम ने बुधवार सुबह पानीपत आकर पूरे मामले की रिपोर्ट ली। इसके बाद शाम को डीएसपी सुशील कुमार पहुंचे।

मामले के शिकायतकर्ता रमेश चंद्र के कोर्ट में बयान दर्ज कराए हैं। रमेश चंद्र के बयानों पर थानेदार इंद्र सिंह को मामले में आरोपी बना लिया गया है। विजिलेंस ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। उनको वीरवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। सीआईए-टू के अतिरिक्त प्रभारी बिजेंद्र त्यागी के खिलाफ जांच की जा रही है। हवलदार डिंपी अभी फरार है। विजिलेंस की टीमें जल्द मुख्य आरोपी हवलदार डिंपी को गिरफ्तार कर लेगी। पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है।
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नरेंद्र सिंह, प्रभारी विजिलेंस ब्यूरो पानीपत
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