हरियाणा में पानीपत पुलिस को एटीएम मशीन उखाड़ने वाले अंतरराज्यीय गिरोह सरगना समेत चार बदमाशों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता मिली है। इनमें सरगना और उसका सगा भाई शामिल हैं। चारों बदमाश पंजाब के पटियाला जिले के रहने वाले हैं। चारों आरोपी पिछले पांच साल से एडीएम तोड़कर हरियाणा और पंजाब पुलिस के लिए सिरदर्द बने हुए थे।
प्राथमिक पूछताछ में हरियाणा व पंजाब में 24 वारदातों को अंजाम देने का खुलासा किया है। इनमें हरियाणा की 17 और पंजाब की सात वारदात हैं। गिरोह एटीएम उखाड़कर अब तक करोड़ों रुपये चोरी कर चुके हैं। इनके कब्जे से दो गाड़ी, एक गैस कटर, दो देसी पिस्टल, एक रिवाल्वर, एक डोगा गन व 71 कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस ने चारों आरोपियों को पांच दिन के रिमांड पर लिया है।
एसपी पानीपत अजीत सिंह शेखावत ने बुधवार को एटीएम चोरी का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 26 मई की रात गोहाना रोड पर यश बैंक की एटीएम मशीन उखाड़ने की वारदात को अंजाम दिया गया था। पानीपत पुलिस की सीआईए-वन ने गुप्त सूचना पर करनाल ककी मुनक नहर पुल से चार लोगों को गिरफ्तार किया।
प्राथमिक पूछताछ में आरोपियों ने पानीपत के गोहाना मोड़ पर यश बैंक की एटीएम मशीन उखाड़ने की वारदात को कबूला। आरोपियों ने अपनी पहचान सुखविंद्र उर्फ सुखा, उसका भाई भूपेंद्र उर्फ पिंडा निवासी शादीपुर पटियाला, गुरमीत उर्फ सोनू व उसका भाई देवेंद्र उर्फ राजू निवासी कोल पटियाला पंजाब के रूप में बताई।
आरोपियों ने बताया कि वे रविवार को करनाल में एटीएम मशीनों की रेकी करने के लिए आए थे। वे इससे पहले हरियाणा के पानीपत में छह, करनाल में पांच, कैथल में तीन, कुरुक्षेत्र, अंबाला व सोनीपत की एक-एक और पंजाब में एटीएम मशीन उखाड़ने की सात वारदातों को अंजाम दिया।
लिंक रास्तों का करते थे प्रयोग
गिरोह मारुति कार से हाईवे पर लगते शहरों में एटीएम की रेकी करते थे। इसके एक-दो दिन बाद फॉर्च्यूनर गाड़ी से आते और वारदात को अंजाम देकर लोकल रास्तों से फरार हो जाते थे। मुनक नहर किनारे बैठकर मशीन को गैस कटर से काटकर उससे रुपये निकालते और मशीन को नहर में फेंक देते थे। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर करनाल काछवा नहर से गोताखोर की मदद से करीब पांच एटीएम के उपकरण बरामद किए हैं।