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रेलवे स्टेशन पर वाटर वेंडिंग मशीन लावारिस पड़ी मान जीआरपी ने की जब्त

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जीआरपी ने लावारिस मानकर जब्त की वाटर वेंडिंग मशीन
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- रेलवे स्टेशन पर दस दिन पहले आई थी एक मशीन
- रेलवे अधिकारियों ने नहीं दिया था मशीन की तरफ ध्यान
- जीआरपी ने मशीनों को किया जब्त
- जीआरपी कुर्सी व डस्टबीन का पहले ही करने लगे प्रयोग
- एक रुपये में 300 एमएल व 20 रुपये में मिलना है पांच लीटर पानी
- आईआरसीटीसी लगाएगा वाटर वेंडिंग मशीन
फोटो-5 व 6
अनुज शर्मा
पानीपत। रेलवे स्टेशन पानीपत पर एक लाख 75 हजार की कीमत वाली वाटर वेंडिंग मशीन इंस्टॉल होने के लिए पहुंची और दो दिन से स्टेशन परिसर के बुकिंग कार्यालय के पीछे रखी रही। दो दिन तक मशीन को नहीं उठाया गया तो जीआरपी ने लावारिस मानकर जब्त कर लिया। नए बूथ के साथ रखी नई कुर्सी व डस्टबीन को जीआरपी कर्मी उपयोग कर रहे है। रेलवे अधिकारियों ने अब तक कोई सुध नहीं ली और मशीन के बारे में एक दूसरे पर मामला डालने लगे हैं।
पानीपत जीआरपी थाना प्रभारी राजकुमार ने बताया कि 30 सिंतबर को स्टेशन अधीक्षक ने मेमो भेजकर बुकिंग कार्यालय के पीछे रखे सामान की जानकारी दी थी कि सामान को 28 सितंबर को यहां रखा गया था, लेकिन 30 सितंबर तक कोई सुध नहीं ली। इस सामान की जांच की जाए। जिसके बाद जीआरपी कर्मियों ने मौके पर जाकर सामान चेक किया। जिसमें मशीन, वाटर वेंडिंग मशीन का नया बूथ, चेयर व डस्टबीन व पांच पेटियां सील पैक रखी हुई मिली। जिसके बाद जीआरपी कर्मियों ने सामान के बारे में स्टेशन पर मौजूद कर्मचारियों व वेंडरों से पूछताछ की कि यह सामान किसका है और किसने यहां रखा है। लेकिन किसी को भी सामान यहां पर रखे जाने की कोई सूचना नहीं होने पर जीआरपी कर्मी सामान को उठाकर अपने साथ जीआरपी थाना ले गए और स्टेशन अधीक्षक की मेमो के आधार पर सामान को जब्त कर लिया।
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रेलवे अधिकारियों ने नहीं दिया मशीन की तरफ ध्यान
उत्तर रेलवे दिल्ली मंडल पानीपत रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को आरओ का शीतल जल उपलब्ध कराने के लिए एक मशीन व नया बूथ का सारा सामान पानीपत स्टेशन पर भेजा, लेकिन पानीपत रेलवे के अधिकारियों ने सामान पर दो दिन तक ध्यान नहीं दिया तो जीआरपी ने उसे लावारिस मानकर थाने में ले जाकर जब्त कर लिया। इस बारे में सीएमआई अवधेश कुमार का कहना है कि जिसने भी यह सामान स्टेशन पर रखा है। उसे स्टेशन पर सामान रखे जाने की सूचना देनी चाहिए थी। जिसके बाद ही सामान को पानीपत के अधिकारी अपने अधिकार क्षेत्र में लेते। लेकिन सामान रखे जाने की कोई सूचना उनके पास न तो दिल्ली के अधिकारियों ने दी और न ही सामान रखने वाले ने। जिस कारण वह मशीन दो दिन तक लावारिस हालत में पड़ी रही। जिसके बाद ही जीआरपी कर्मियों ने उसे जब्त किया है।
जीआरपी कुर्सी व डस्टबीन का पहले ही करने लगे प्रयोग
दस दिन पहले जब्त की गई वाटर वेंडिंग मशीन का सामान कुर्सी व डस्टबीन को जीआरपी कर्मी अपने उपयोग में ला रहे है। इस बारे में जीआरपी अधिकारियों का कहना है कि यह सामान अभी तक लावारिस है। जब तक यह सामान थाने में रहेगा तो खाली पड़े रहने से अच्छा है कि इसका उपयोग कर लिया जाए। दिल्ली रेलवे मंडल के अधिकारियों द्वारा कोई भी मशीन आने की पूर्व सूचना नहीं दी। जिस कारण ही जीआरपी कर्मी किसी ओर के नए सामान का अपने कार्यों में उपयोग में ला रही है।
एक रुपये में 300 एमएल व 20 रुपये में मिलना है पांच लीटर पानी
उत्तर रेलवे दिल्ली मंडल पानीपत रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को आरओ का शीतल जल उपलब्ध कराएगा। इसके स्टेशन परिसर में प्लेटफार्म नंबर एक, तीन व पांच पर पानी वाली ऑटोमेटिक वेंडिंग मशीन लगाई जाएगी। मशीन व नए बूथ का सारा सामान स्टेशन परिसर में पहुंच चुका है। वाटर वेंडिग मशीन से एक रुपये में 300 एमएल, पांच रुपये एक लीटर, आठ रुपये में दो लीटर और बीस रुपये में पांच लीटर पानी मिलेगा।
वर्तमान में देश के 345 स्टेशनों पर लगी है वाटर वेंडिंग मशीन
देशभर के रेल परिसरों में सस्ते दर पर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के तहत इंडियन रेलवे केटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) की ूवर्ष 2017-2018 में 450 स्टेशनों पर 1100 वाटर वेंडिंग मशीन लगाने की योजना है। जिसमें उत्तर रेलवे के पानीपत स्टेशन को चुना गया था। वहीं वर्तमान में देश में 345 स्टेशनों पर 1106 डब्ल्यूवीएम लगी हुई है। इन मशीनों से रिवर्स ओसमोसिस (आरओ) तकनीक से शुद्ध जल मिलता है। डब्ल्यूवीएम को 24 घंटे स्वचालित या हाथ से संचालित किया जाता है। इन मशीनों से मिलने वाला पानी बोतलबंद मिनरल वाटर से भी सस्ता होता है। वहीं पानीपत स्टेशन पर मशीन लगने के बाद बोतल में बिकने वाले जल की बिक्री बहुत कम हो जाएगी। यात्रियों के पैसों की बचत होगी।
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वर्जन ::::
पानीपत स्टेशन पर आई डब्ल्यूवीएम मशीन की कोई भी पूर्व सूचना हमें नहीं मिली थी। जिस कारण ही वह स्टेशन पर लावारिस हालात में पड़ी रही। जिसके बाद ही जीआरपी ने जब्त कर ली। वहीं सीएमआई के अंडर में यह सामान तभी आता है जब वह स्टेशन पर स्थापित हो जाता है। लेकिन पूर्व सूचना होती तो सामान को पार्सल कार्यालय में रखवा सकते थे। लेकिन इसकी कोई सूचना नहीं दी गई थी।
अवधेश कुमार, सीएमआई, रेलवे स्टेशन, पानीपत।
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