फोटो संख्या- 37
उद्यमी प्रमोद हत्याकांड
कृष्णा कॉलोनी से बाइक पर निकले थे तीन बदमाश
-कॉलोनी के घर से ही तीनों बदमाश मुंह पर कपड़ा बांधकर, हेलमेट डालकर और पेट्रोल लेकर निकले थे
-साढ़े चार बजे तीनों बदमाशों ने कृष्णा कॉलोनी में एक-दूूसरे से की थी बातचीत
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। सेक्टर-29 पार्ट-टू में प्रमोद गुप्ता हत्याकांड में एक और अन्य किरदार सामने आया है। प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार वारदात के दिन दो नहीं बल्कि तीन ही बदमाश थे। तीनों बदमाश पहले कृष्णा कॉलोनी रवि के घर के सामने इकट्ठा हुए। वहां तीनों ने लगभग 10 मिनट तक वारदात की प्लानिंग भी की। इसके बाद उन्होंने बाइक को अच्छे से चेक किया। फिर मुंह पर कपड़ा बांधा, बाइक चालक रवि ने ही हेलमेट डाला व एक थैले में पेट्रोल से भरी बोतल डाली। इसके बाद तीनों बाइक पर बैठने से पहले एक-दूसरे से हाथ मिलाया व गले लग कर बाइक पर सवार हुए। वहां से चलकर ठीक तीन मिनट में तीनों प्रमोद गुप्ता की फैक्टरी में पहुंचे। वहां फैक्टरी में वारदात को अंजाम देने के लिए दो युवक अंदर गए। इसके बाद से तीसरे युवक का अभी तक भी कोई सुराग नहीं लगा है। आरोपियों से चार दिन के रिमांड के दौरान पुुुलिस उनसे तीसरे आरोपी का पता लगाने व जुटी है। लेकिन सोमवार को तीन दिन के रिमांड के बाद भी पुलिस आरोपियों से कुछ भी पता लगाने में सफल नहीं हो सकी। हालांकि आरोपियों की निशानदेही पर सीआइए-टू ने छापेमारी भी की, लेकिन नतीजा जीरो ही है।
वारदात के चौथे दिन गुप्ता की फैक्टरी में आए नौ श्रमिक
वारदात होने के चार दिन बीत जाने पर गुप्ता की फैक्टरी में काम करने के लिए 9 श्रमिक पहुंचे। सभी श्रमिक काम करने पहुंच तो गए, लेकिन उनकी जुबां पर सिर्फ वारदात की ही कहानी थी। हादसे के बाद से हर श्रमिक सदमे में है। गेटकीपर रमेश को तो अभी तक भी वारदात पर यकीन नहीं हो रहा है। श्रमिकों का कहना है कि 10 तारीख को बंटने वाले वेतन में पहली बार देरी हुई है। बताया जा रहा है कि वेतन आगामी पांच दिनों के भीतर बंटने की संभावना है। इस बार पुलिस की सुरक्षा के बीच वेतन बांटा जाएगा।
हर मंगलवार को प्रसाद बांटता था रवि
कृष्णा कॉलोनी के पड़ोसियों ने बताया कि रवि हर मंगलवार व वीरवार को प्रसाद बांटा करता था। वह धार्मिक किस्म की लड़का था। अचानक उसकी जिंदगी में क्या परिवर्तन आया, जिस कारण वह अपराधी बन गया। इस बात को लेकर पड़ोसियों सहित दूसरी कॉलोनियों के लोगों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
वकील के मकान में रहने वाले रवि ने कानून को लिया हाथ में
कृष्णा कॉलोनी के जिस मकान में रवि अपने मां-बाप के साथ किराये पर रहता था, वह किसी और का नहीं बल्कि वकील का है। वकील के मकान में रहने वाला रवि अपराधी बन गया व कानून को हाथ में लेकर लूटपाट के इरादे से हत्या को अंजाम दे दिया।