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ुलिस प्रताड़ना से परेशान ट्रक चालक की तनाव से हुई मौत, डीएसपी बोले पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर करेंगे कार्रवाई

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फोटो संख्या- 5 व 6
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पूछताछ के लिए घर में नहीं मिला बेटा तो पिता को उठा ले गई पुलिस, घर में अगले दिन मौत
गांव अटवाला में हुए विवाद मामले में करनी थी पूछताछ, बेटे ने कहा, बेइज्जती के कारण सदमे में चले गए पिता
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। गांव डाहर में पुलिस प्रताड़ना से परेेेशान एक ट्रक चालक की तनाव के कारण मौत हो गई। ट्रक चालक की मौत के बाद ग्रामीणों में पुलिस के खिलाफ रोष बना हुआ है। मामले में पुलिसकर्मियों का नाम आता देख, सामान्य अस्पताल के शव गृह के बाहर परिजनों से मिलने मतलौडा थाना डीएसपी पहुंचे। उन्होंने परिजनों से मामले में पुलिसकर्मियों का नाम देने का कारण पूछा। इसके जवाब में परिजन उन्हें पुलिस की प्रताड़ना से परेशान होकर तनाव के कारण हुई मौत के बारे में ही बताते रहे। लेकिन डीएसपी इस बात को मानने को तैयार नहीं हुए। वे परिजनों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामले में कार्रवाई करने का आश्वासन देकर चले गए।
गांव डाहर निवासी मृतक कृष्णलाल (56) के बेटे अमित कुमार ने बताया कि उसके पिता ट्रक चालक थे। सोमवार सुबह 8:30 बजे उनके घर पर मतलौडा थाना एसएचओ संदीप छिक्कारा सात पुलिसकर्मियों के साथ सरकारी गाड़ी में उनके घर आए। उन्होंने आते ही छोटे भाई सुमित के बारे में पूछा।
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पुलिसकर्मियों ने बताया कि सुमित की बुआ के देवर का लड़का सचिन ने गांव अटवाला में किसी युवक पर चाकू से हमला कर दिया है। इस मामले में जानकारी के लिए सुमित को लेने आए हैं। इसी बीच एक पुलिसकर्मी सतपाल ने कहा कि बाहर गाड़ी में एसएचओ साहब बैठे हैं। वे सुमित को बुला रहे हैं। इतनी बात सुनने पर कृष्ण लाल ने सुमित के बाहर जाने की बात कहकर पुलिसकर्मियों को आधा घंटा इंतजार करने को कहा। लेकिन पुलिसकर्मियों ने गाली गलौच करते हुए कृष्ण लाल को अपनी गाड़ी में बैठा लिया व वहां से मतलौडा थाना ले गए। साथ ही पुलिसकर्मियों ने घर में मौजूद उसकी बहन व पत्नी के साथ भी बदतमीजी की। अमित का आरोप है कि पुलिसकर्मी दो घंटे की पूछताछ के बाद करीब साढे़ 10 बजे उसके पिता को वापस घर ले आए व सुमित को अपने साथ गाड़ी में बैठा ले गए। उसे शाम के सात बजे छोड़ा। पिता के घर आने के पर देखा कि उनकी तबीयत बहुत ज्यादा खराब है। वह न ही चल पा रहे हैं और न ही कुछ बोल रहे थे। उनको इस अवस्था में पुलिसकर्मी घर के बाहर छोड़ कर चले गए। इसके बाद पिता को देवी मंदिर रोड स्थित निजी अस्पताल में ले जाया गया। वहां शाम छह बजे डॉक्टरों ने उपचार के बाद छुट्टी दे दी। साथ ही डॉक्टरों ने मंगलवार को अस्पताल में आकर दोबारा चेकअप करवाने की सलाह दी। मंगलवार तड़के पिता की हालत बहुत ज्यादा खराब हो गई। इसके बाद उन्हें फिर से देवी मंदिर रोड स्थित निजी अस्पताल में ले जाया गया। जहां महज 15 मिनट के उपचार के बाद कृष्ण लाल ने दम तोड़ दिया। इसके बाद शव को सामान्य अस्पताल लाया गया।
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रातभर जागते रहे पिता, बोले गांव में बेइज्जती हो गई
अमित ने बताया कि उसके पिता को जब पुलिस वाले घर वापस छोड़ गए तो उनकी तबीयत बहुत ज्यादा खराब हो गई थी। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद जब उन्हें घर ले गए तो रात भर जागते रहे। साथ ही बोलते रहे कि पूरे गांव में बेइज्जती हो गई। बनी बनाई इज्जत मिट्टी में मिल गई। पुलिस घर आकर मुझे आरोपियों की तरह गाड़ी में बैठा ले गई व पूरे परिवार के साथ बदतमीजी भी की। बेटे ने बताया कि पिता पुलिस के इस रवैये से परेशान थे और डिप्रेशन में थे। इसी के चलते उनको सदमा लगा। इस कारण उनकी मौत हो गई।
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