कंबल की नगरी में धागे का कारोबार करने वाले 21 फर्मों पर मुकदमा दर्ज, 470 करोड़ का कारोबार कर 49 करोड़ रुपये का टैक्स किया चोरी
- एसजीएसटी अधिकारी ने 14 करोड़ रुपये जब्त कर मामला दर्ज करने के लिए फाइल चांदनी बाग थाने भेजी
पुलिस की जांच में बड़े कारोबारियों के फसने की उम्मीद, जिन्होंने अपने को लाभ पहुंचाने के लिए चला रखा है चक्कर
मयंक तिवारी
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पानीपत। राज्य जीएसटी विभाग की ओर से नये जीएसटी करदाताओं के सत्यापन के दौरान 21 बोगस फर्मो का खुलासा हुआ है। इन फर्मो के रजिस्ट्रेशन से लेकर रिटर्न फाइल में गोलमाल हुआ है। एसजीएसटी के अधिकारियों की जांच के दौरान इन फर्मो की ओर से 470 करोड़ का टर्न ओवर होने का खुलासा हुआ है। एसजीएसटी की ओर से जांच में पता चला है कि इन फर्मों की ओर से 49 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी किया है। जिसमें से 14 करोड़ रुपये विभाग की ओर से ऑनलाइन ही जब्त कर लिया है। राज्य जीएसटी के जिला उपायुक्त ने चांदनी बांग थाना पुलिस को पत्र लिख कर इन बोगस फर्मों के खिलाफ मामला दर्ज करने को कहा है। पुलिस की जांच के बाद खुलासा होगा कि इनके पीछे कौन है। जीएसटी के नये कर देने वालों के सत्यापन के दौरान यह खुलासा हुआ है कि जिन स्थान का पता दिया गया है वहां पर मौके पर यह फर्म नहीं है।
इन फर्मो के जरिए 470 करोड़ का किया गड़बड़झाला, होगा केस दर्ज
- सुपर ट्रेडिंग कंपनी, अमन इंटर प्राइजेज, अशोका ट्रेडर, आर के ट्रेडर्स, अभिषेक इंटर प्राईजेज, मे.हनुमान इंटर प्राईजेज, वीएल इंटर प्राईजेज, महादेव इंटर प्राईजेज, मिलन मेगा मार्ट प्रा.लि., जे आर ट्रेडिंग कंपनी, कुनाल ट्रेडिंग कंपनी, श्री साईं ओवरसीज, श्री बाला जी इंटर प्राईजेज, कुमार इंटर प्राईजेज, देव ट्रेडर्स, सक्षम इंटर प्राईजेज, जैन सर इंटर प्राईजेज, धन लक्ष्मी ट्रेडिंग कंपनी, वीवी ट्रेडिंग कंपनी, श्याम ट्रेडिंग कंपनी, विनायक इंडस्ट्रीज हैं।
उद्यमियों ने सब्जी विक्रेता को बना दिया फर्म का मालिक
चालाक उद्यमियों ने सब्जी विक्रेता को भी फर्म का मालिक बना दिया। इन तमाम गड़बड़झाला का खुलासा एसजीएसटी की रेड में हुआ है। पता चला है कि सब्जी विक्रेता ने लोन लेने के लिए किसी को अपना पैन कार्ड दिया था। इस पैन कार्ड को उद्यमियों ने फर्जी फर्म बनाने में इस्तेमाल किया है। अब इन सभी मामलों की गहनता से जांच की जा रही है।
फर्जीवाडे के तार उप्र, दिल्ली, पंजाब और महाराष्ट्र से जुड़े
एसजीएसटी की पहली जांच में सामने आया है कि जीएसटी फर्जीवाड़े के तार उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, महाराष्ट्र और गुजरात से जुड़े है। इन राज्यों में भी फर्जी बिल दिए गए हैं। व्यापारियों के नाम से डमी वेबसाइट मिली है। इन राज्यों में बनाई गई बोगस फर्मों के कागजात भी सेंट्रल जीएसटी की टीमों ने जब्त किए हैं।
वर्जन
नए जीएसटी करदाताओं के सत्यापन के दौरान 21 फर्म ऐसी पाई गई जो मौके पर स्थित नहीं है। मामले की छानबीन के दौरान इस बात का खुलासा हुआ है कि इन फर्मों ने 470 करोड़ का टर्न ओवर किया है जिन्हें विभाग को 49 करोड़ रुपये जमा करने थे। 14 करोड़ रुपये जब्त करने के बाद मामले के अन्य खुलासे के लिए जांच पुलिस को सौंपी गई है। जल्द इनके खिलाफ केस दर्ज कराएंगे और कार्रवाई तेज करेंगे।
आरआर नैन, उपायुक्त जीएसटी पानीपत।