पानीपत। सेक्टर 29 में एक व्यक्ति ने शराब के नशे में पत्नी से झगड़ा करने के बाद 5 साल के बेटे पर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी। पति शराब के नशे में पूरे परिवार को लगातार मारने की धमकी दे रहा था। जिस वक्त आरोपी ने इस वारदात को अंजाम दिया। उस वक्त बच्चा बेड पर लेटा था। उसे उठाकर पेट्रोल छिड़का था पत्नी ने हाथ से माचिस छीनने का प्रयास किया, लेकिन वो नहीं छीन पाई। बेटा आग में जलता रहा और शराबी पिता देखता रहा। मां ने शोर मचाया तो पड़ोसियों ने चादर व कंबल ढक कर आग बूझाई और बच्चे को लेकर सिविल अस्पताल में पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने बच्चे का इलाज किया। बच्चा 50 प्रतिशत तक झुलस गया। परिवार के लोग अब बच्चे का एक निजी अस्पताल में इलाज करवा रहे हैं। पड़ोसियों ने इस घटना की सूचना सेक्टर 29 चौकी पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया और उस पर जान से मारने का प्रयास करने के मामले में केस दर्ज कर कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
मंजू कॉलोनी की कमलेश ने बताया कि वह मूलरूप से उप्र के फरूखाबाद के मौहल्ला खैखा की रहने वाली है। पिछले काफी समय से परिवार सहित सेक्टर 29 की मंजू कॉलोनी में रह रही है। वो पेशे से मजदूर है। उसका पति शंकरलाल शराब का आदी है और रोज शराब पीकर घर आता है और उनके साथ मारपीट करता है। शुक्रवार रात एक बजे भी पति शंकरलाल ने नशे की हालत में घर आया था। आते ही उसके साथ झगड़ा शुरू कर दिया। विरोध करने पर गाली-गलौज कर मारपीट की। पति लगातार बच्चों व उसको मारने की धमकी दे रहा था। पास ही बेड पर पांच साल का बेटा नन्हा लेटा था। इतने से भी आरोपित पति का मन नहीं भरा तो उसने प्लास्टिक की बोतल में भरा पेट्रोल छिड़क कर पांच साल के बेटे नन्हें को आग के हवाले कर दिया।
दिनभर जलन के कारण चिल्लाता रहता है नन्हा:
मां कमलेश ने बताया कि डॉक्टरों ने उपचार देने के चंद घंटों बाद ही उसके बेटे नन्हें को छुट्टी दे दी थी। अब नन्हें जलन के कारण दिनभर घर में ही चिल्लाता रहता है। उसके शरीर पर बड़े-बड़े फोले हो गए है। जिनमें काफी दर्द होता है। वह पेट में भी काफी दर्द होने की बात कहता है। अब वो बच्चे का निजी अस्पताल में इलाज करवा रहे हैं।
इसी कॉलोनी में सिलेंडर से भड़की आग में जला था मासूम
बता दें कि 5 अप्रैल को मंजू कॉलोनी में ही आग भड़कने के कारण सात माह की तोशिबा, सात साल का सिराज, उसकी मां फराना और पड़ोसन लजीना बुरी तहर झुलस गए थे। अस्पताल ले जाते समय सिराज ने दम तोड़ दिया था। जबकि तोशिबा, फराना और पड़ोसन लजीना को डॉक्टरों ने गंभीर हालत के चलते पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया था।