अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत।
मॉडल टाउन क्षेत्र में स्थित मल्होत्रा अस्पताल में उपचाराधीन साढे़ चार माह के बच्चे प्रिंस पुत्र सुभाष निवासी किशनपुरा, पानीपत की मंगलवार को तड़के संदिग्ध हालात में मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर प्रिंस के उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। वहीं हिंसा न हो इसके लिए पानीपत प्रशासन ने अस्पताल पर पुलिस बल को तैनात किया।
मंगलवार की सुबह डीएसपी हेड क्वार्टर जगदीप दूहन, मल्होत्रा अस्पताल पहुंचे और परिजनों से पूरे मामले की जानकारी ली। परिजनों ने बताया कि प्रिंस को खांसी व बुखार हो गया था इसके चलते 28 अप्रैल को उसे मल्होत्रा अस्पताल में भर्ती करवाया गया। आराम होने पर 29 को अस्पताल से प्रिंस को छुट्टी दे दी गई। डॉ. पुनीत मल्होत्रा ने प्रिंस को 30 अप्रैल को अस्पलात में लाने की सलाह दी। डॉ पुनीत की सलाह के अनुसार पिता संजय, मां वंदना, नानी मुनेश देवी बच्चे प्रिंस को लेकर सोमवार को मल्होत्रा अस्पताल पहुंचे। डॉ पुनीत ने संजय को 2250 रुपये कीमत का इंजेक्शन लाने के लिए बाजार में भेज दिया। संजय के आने से पहले कथित रूप से जसवेंद्र नामक नर्स ने प्रिंस को इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगने के बाद प्रिंस का शरीर नीला पड़ गया। प्रिंस की हालत गंभीर होते देख नर्स ने बच्चे को अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती किया। शाम को आराम होने के बाद प्रिंस को जनरल वार्ड में भर्ती किया गया। वहीं सोमवार की देर रात करीब तीन बजे प्रिंस की हृदय की घड़कन बढ़ गई। कई बार फोन करने के बाद डॉ पुनीत अस्पताल पहुंचे। रात साढे़ तीन बजे डॉ पुनीत ने जांच के बाद प्रिंस को मृत घोषित कर दिया।
प्रिंस की मौत की सूचना मिलने पर संजय के रिश्तेदार व आस पड़ोसी बड़ी संख्या में मल्होत्रा अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने मल्होत्रा अस्पताल प्रशासन पर प्रिंस के उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए डॉ पुनीत मल्होत्रा व नर्स जसवेंद्र के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग को लेकर अस्पताल में हंगामा किया। अस्पताल में उपस्थित लोग हिंसक न हो जाए इसके चलते पानीपत प्रशासन ने वहां पर पुलिस बल तैनात किया। इधर, डीएसपी जगदीप दूहन ने पीड़ित परिवार को भरोसा दिया कि प्रिंस की मौत के मामले की गहन जांच की जाएगी और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं पुलिस ने वह इंजेक्शन की बोतल अपने कब्जे में ले ली जिससे दवाई भर कर प्रिंस को इंजेक्शन लगाया गया था। पुलिस ने बच्चे के शव की जांच की और पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए पानीपत के सिविल अस्पताल भिजवा दिया। पुलिस ने प्रिंस की मौत के सही कारण जानने के लिए स्वास्थ्य विभाग से उसके शव का पोस्टमार्टम चिकित्सकों के बोर्ड से कराने की अपील की। स्वास्थ्य विभाग ने फोरेंसिक एक्सपर्ट दो चिकित्सकों की टीम से प्रिंस के शव का पोस्टमार्टम करवाया। चिकित्सकों ने प्रिंस का विसरा, खून व टीशू के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब में भिजवा दिए हैं।
केस की जांच कर रहे मॉडल टाउन पुलिस चौकी प्रभारी अतर सिंह ने बताया कि जिस दवाई का इंजेक्शन प्रिंस को लगाया गया था उस पर सिर्फ सिपला लिखा हुआ है, यह दवा कंपनी का नाम है। दवा का क्या नाम है और कब बनी थी, कब उसकी मियाद खत्म होनी थी इसकी जानकारी दवा की शीशी पर दर्ज नहीं है। प्रिंस की मौत के मामले में थाना मॉडल टाउन पुलिस ने डॉ पुनीत मल्होत्रा व नर्स जसवेंद्र पर गैर इरादतन समेत अन्य आरोपों में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है। बच्चे की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी इस केस में अहम साबित होगी। उन्होंने बताया कि पुलिस की जांच में जो भी आरोपी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रिंस निमोनिया से पीड़ित था और बच्चे को नर्स ने एंटी बायोटिक इंजेक्शन जिथरोमाइसिन लगाया था। यह दवा बच्चे को रियेक्शन कर गई और उसकी हालत बिगड़ गई। प्रिंस को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए गए लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। उसके इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती गई। प्रिंस के निधन का मुझे व मेरे स्टाफ को बहुत दुख है। दुख की इस घड़ी में मैं और मेरा स्टाफ प्रिंस के परिजनों के साथ हैं।
डॉ. पुनीत मल्होत्रा, अस्पताल के संचालक
प्रिंस निमोनिया से पीड़ित था और उसकी हालत गंभीर थी। परिजन प्रिंस को अपनी मर्जी से अस्पताल से छुट्टी करवा कर चले गए थे। सोमवार को परिजन प्रिंस को इंजेक्शन लगवाने के लिए अस्पताल आए थे। स्टाफ द्वारा इंजेक्शन लगाने में कोई लापरवाही नहीं बरती गई। आईएमए प्रिंस के परिजनों के दुख में उनके साथ खड़ा है। बच्चे के शव का पोस्टमार्टम करवाया गया है, ताकि उसकी मौत की सही वजह पता चल सके। आईएमए भी चाहता है कि प्रिंस के परिवार के साथ न्याय हो।
डॉ. गौरव श्रीवास्तव, जिला अध्यक्ष, आईएमए
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बच्चे को हुई थी खांसी-बुखार, डॉक्टर ने लगाया इंजेक्शन, बच्चे की मौत, परिजनों ने अस्पताल में किया हंगामा
-निजी अस्पताल में उपचाराधीन बच्चे की मौत पर परिजनों ने लगाया उपचार में लापरवाही का आरोप
-अस्पताल संचालक डॉक्टर व नर्स पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज
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