उग्राखेड़ी के युवकों ने मादक पदार्थ तस्करी का अनोखा तरीका चुना है। पहली बार ऐसा मामला सामने आया कि एंबुलेंस में फर्जी मरीज बनाकर गांजा सप्लाई करने के लिए छत्तीसगढ़ पहुंच गए। वहां पर एंबुलेंस की बाइक सवार के साथ टक्कर हुई तो लोगों ने हरियाणा नंबर की एंबुलेंस देखकर इन्हें पकड़ लिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो एंबुलेंस से 40 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। जिसकी कीमत लगभग एक लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और एंबुलेंस व मादक पदार्थ को अपने कब्जे में ले लिया। फिलहाल चारों आरोपी सलाखों के पीछे हैं।
उग्राखेड़ी निवासी अनिल सैनी, बोलर सैनी व उझा गेट व राजाखेड़ी के एक युवक को छत्तीसगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार किया है। अनिल सैनी की अपनी निजी एंबुलेंस है। जोकि पानीपत के एक निजी अस्पताल में तैनात है। 4 दिन पहले चारों ने गांजा छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में गांजे को मादक तस्करों के पास पहुंचाने की प्लानिंग की थी। शनिवार को अनिल ने बोलर को फर्जी मरीज बनाया और बाकी दो युवकों को उसके परिजन बनाए। इन्होंने एंबुलेंस में 40 किलोग्राम गांजा भी सीट के नीचे कट्टे में लपेट कर रख लिया। किसी को उन पर शक ना हो इसलिए बोलर को आक्सीजन और ग्लुकोज भी लगाई थी। जो दो युवक परिजन बने थे उनको गंभीर रहने की एक्टिंग करने के लिए कहा गया था। जब रविवार सुबह एंबुलेंस बस्तर के पास पहुंची तो एंबुलेंस का बाइक के साथ एक्सीडेंट हो गया। चारों ने वहां से एंबुलेंस लेकर भागने का प्रयास किया, लेकिन लोगों ने इन्हें पकड़ लिया। मौके पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने जांच में पाया कि एंबुलेंस हरियाणा के पानीपत जिले की है। उन्होंने एबुलेंस की तलाशी लेनी शुरू की, इसी दौरान चारों डर गए। पुलिस को तलाशी के दौरान एंबुलेंस से 40 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ।