जीएसटी रिफंड व वैट से संबंधित 153. 8 करोड़ के सी-फॉर्म देने और 30.6 करोड़ का टैक्स घोटाले मामले में तत्कालीन ईटीओ दिविक शर्मा, इंस्पेक्टर इंद्रावती व अकाउंटेंट गोविंद शर्मा पर चांदनी बाग थाना पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। तीनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने छापेमारी भी शुरू कर दी है। विभाग ने दोनों अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है।
पानीपत के उप आबकारी एवं काराधान अधिकारी आरआर नैन ने चांदनी बाग थाना में तीनों की शिकायत दी थी। ये कार्रवाई मुख्यालय के निर्देंशों पर की गई है। इस मामले की जांच चार उच्चाधिकारियों की टीम ने की थी। जांच में दोषी मिलने पर इन पर केस दर्ज करने के लिए सीएम से अनुमति मांगी गई थी। जिसकी अनुमति के बाद मामले में कार्रवाई की गई है।
बोगस सी-फॉर्म जारी करने पर दोनों अफसर हुए थे सस्पेंड
गुरुग्राम में 17 फरवरी 2018 को हुई एक एफआईआर की जांच में पारस इंटरप्राइजेज का नाम सामने आया था। जांच में पता चला कि पारस इंटरप्राइजेज के नाम से अफसरों ने 155.20 करोड़ रुपए के सी-फॉर्म जारी कर दिए थे। इसमें 30.6 करोड़ का टैक्स घपला मिला। इसी केस में अब ईटीओ दिविक शर्मा और इंस्पेक्टर इंद्रावती पर केस दर्ज करने की मंजूरी मिली है। प्रदेश में 2000 करोड़ से अधिक के टैक्स घोटाले सामने आए हैं। पानीपत में टैक्स घोटाले में अब तक 48 फर्मों के खिलाफ एफआईआर हो चुकी है।