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शादी में नहीं मिली कार तो मार दी गोली

Sat, 25 Jul 2015 11:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
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यूपी के तितावी थाना क्षेत्र के अंतर्गत मतलौडा के दंपति की गोली मारकर लूट की वारदात फर्जी निकली। पति जीवा ने दहेज में कार न मिलने पर अपनी पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
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उसने पत्नी की हत्या कर खुद को बचाने के लिए वारदात को लूट और हत्या में बदलने की सोच से खुद को भी गोली मार ली थी और लोगों को भी गुमराह कर दिया था। पुलिस की प्राथमिक जांच में ही जीवा का पूरा षड्यंत्र सामने आ गया।

पुलिस ने आरोपी जीवा और उसके परिजनों के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया और जीवा को अस्पताल से ही गिरफ्तार कर लिया।

मामले के अनुसार पानीपत के कस्बा मतलौडा की खटीक बस्ती निवासी जीवा और उसकी पत्नी दीपा को मुजफ्फरनगर के गढ़ी देशराज गांव के पास गोली मार दी थी। इसमें दीपा की मौत हो गई थी और जीवा पैर में गोली लगने पर घायल हो गया था।
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गोली चलने की आवाज सुनकर मुस्सा शेरपुर गांव के लोग पहुंचे। जीवा ने ग्रामीणों को बताया कि करीब उसकी शादी दस माह पहले करनाल के गांव पनौड़ी निवासी जगदीश की लड़की दीपा के साथ हुई थी। वह अपनी पत्नी दीपा को लेकर उत्तर प्रदेश के जिला मुजफ्फरनगर के गांव मुस्सा शेरपुर में अपनी बुआ से मिलने गया था।

वीरवार की रात को जीवा अपनी पत्नी दीपा के साथ बाइक पर सवार होकर पानीपत लौट रहा था। रात करीब ग्यारह बजे तितावी थाना क्षेत्र के गांव गढ़ी देशराज के पास बदमाशों ने उनको रुकवा लिया और उनको लूटने का प्रयास किया।

उन्होंने विरोध किया तो बदमाशों ने उनको गोली मार दी। इसमें उसकी पत्नी दीपा की गोली लगने से मौत हो गई और वह पैर में गोली लगने से घायल हो गया। ग्रामीणों ने जीवा को अस्पताल में दाखिल कराया और कुछ लोगों ने मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया। थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर गुस्साए लोगों को शांत किया।

जीवा ने अपनी पत्नी की हत्या करने की चाल सोच समझकर चली थी। लेकिन स्थानीय पुलिस की प्राथमिक जांच में ही सारा सच सामने आ गया। पुलिस को शक हुआ कि इतनी रात को इस क्षेत्र में स्थानीय व्यक्ति भी नहीं आता-जाता।

ऐसे में बाहरी व्यक्ति अपनी पत्नी के साथ कैसे बाहर निकल सकता है। पुलिस ने वारदात के अगले दिन घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस को यहां पर एक ही व्यक्ति के आने-जाने के पैरों के निशान मिले। ऐसे में पुलिस का जीवा पर शक बढ़ गया।

पुलिस ने जीवा से अस्पताल में उपचार के दौरान पूछताछ की। वह कुछ देर तक तो कहानियां बनाता रहा। लेकिन पुलिस के सख्त होते ही सच उगल दिया।

दीपा के मायका पक्ष के लोग भी लूट और हत्या की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे। उन्होंने जीवा और उसके परिजनों पर ही दीपा की हत्या करने का आरोप लगाया। पिता जगदीश ने बताया कि उन्होंने दस माह पहले ही दीपा की मतलौडा निवासी जीवा के साथ शादी की थी।

उन्होंने अपनी हैसियत से कुछ ज्यादा ही सामान दिया था, लेकिन दीपा का पति जीवा और बाकी ससुराली संतुष्ट नहीं हुए। ससुराल वाले दीपा के माध्यम उनसे कार के लिए पैसों की मांग करने लगे। उन्होंने मांग पूरी न होने पर दीपा की षड्यंत्र के तहत हत्या कर दी। थाना तितावी पुलिस ने जगदीश की शिकायत पर पति जीवा, उसके पिता श्यामलाल, सास श्यामो और देवर अंकुर के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया।

थाना क्षेत्र के अंतर्गत गत दिनों लूट और हत्या की एक वारदात होने की सूचना मिली थी। पुलिस सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची थी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेकर जांच की तो प्राथमिक जांच में ही मामला लूट की बजाय दहेज हत्या का निकला। दीपा के पिता ने भी दहेज हत्या का आरोप लगाया। थाना पुलिस ने पति और ससुरालियों के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर पति जीवा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस बाकी आरोपियों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लेगी।
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योगेंद्र शर्मा, सर्कल ऑफिसर, थाना तितावी, यूपी
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