पानीपत। फ्लाईओवर से गिरी 50 क्विंटल वजनी ड्रेनेज पाइप के मामले में घायल नरेश निवासी वार्ड 19 ने एलएंडटी कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ शहर थाना पुलिस में शिकायत दी है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले में अज्ञात पर केस दर्ज कर लिया है। प्रशासन ने एलएंडटी को घायल तीनों व्यक्तियों का इलाज कराने व उनके वाहनों को ठीक कराने के निर्देश दिए हैं। एलएंडटी ने ड्रेनेज पाइप की मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। मंगलवार को प्रशासन ने एलएंडटी के डायरेक्टर को तलब किया। डायरेक्टर को नोटिस जारी कर एलएंडटी के अधिकारियों को मामले की जांच में शामिल होने के निर्देश दिए हैं।
डीसी डॉ. वीरेंद्र दहिया ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर एलएंडटी के अधिकारी जांच में शामिल नहीं होंगे तो उन पर निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे मामले की जांच के लिए एसडीएम के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी पूरे फ्लाईओवर का निरीक्षण करेगी। हादसे के कारणों की तह तक जाएगी। इस मामले में जिसकी भी लापरवाही मिलेगी। उस पर कार्रवाई की जाएगी। पूरे मामले की रिपोर्ट एक माह में डीसी वीरेंद्र दहिया को सौंपी जाएगी।
जानकारी के अनुसार सोमवार दोपहर ढाई बजे फ्लाईओवर की 200 मीटर लंबी करीबन 50 क्विंटल वजनी ड्रेनेज पाइप 40 फीट ऊंचाई से नीचे गिर गई थी। इस पाइप की चपेट में एक टेंपो व पांच कार व एक मोटरसाइकिल आ गई थी। पाइप इनके ऊपर गिरा था। इनके वाहन क्षतिग्रस्त हो गए थे। इस हादसे में विमल, स्वीफ्ट डिजायर कार सवार गोहाना के छतेहरा गांव निवासी कृष्ण और मोटरसाइकिल सवार कैराना यूपी निवासी नौशाद समेत कई लोग घायल हो गए थे। इसी के साथ जीटी रोड पर लंबा जाम लग गया। नौशाद की हाथ की अंगूली कटकर अलग हो गई थी। मोटरसाइकिल सवार नरेश निवासी वार्ड 19 इस हादसे से पूरे शहर में हड़कंप मच गया था। विधायक प्रमोद विज ने सीधे तौर पर इस हादसे का जिम्मेदार एलएंडटी कंपनी को ठहराया था। डीसी वीरेंद्र दहिया ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुंरत मजिस्ट्रेट जांच के निर्देश जारी कर दिए थे। अब पांच अधिकारियों की कमेटी इस मामले में जांच कर रही है।
इस कारण गिरी पाइप-
एलएंडटी कंपनी ने एलिवेटेड हाईवे के बरसाती और दूषित पानी को उतारने के लिए करीब दस इंची पाइप ड्रेनेज के लिए लगा रखे हैं। इसको पाइप लोहे के एंकल का लॉक बनाकर लगाया गया है। पिछले दिनों आई बारिश के बाद पाइप में पहले से जमा गंदगी के चलते पाइप में पानी भर गया था। इसके वजन से लोहे के एंकल के लॉक खुल गए और पाइप नीचे गिर गई। सिविल इंजीनियर की माने तो 200 मीटर लंबे दस इंची पाइप में करीब 50 क्विंटल पानी हो सकता है। इसके अलावा इसमें सिल्ट भी थी।
वर्जन :
एलएंडटी के डायरेक्टर को तलब किया गया है। एलएंडटी के अधिकारियों को नोटिस जारी कर जांच में शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं। एक माह में कमेटी अपनी जांच रिपोर्ट सौंपेगी। जांच में जिसकी लापरवाही मिलेगी उस पर कार्रवाई की जाएगी। जांच कमेटी में डीएसपी ट्रैफिक, एनएचएआई के इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी या नगर निगम एक्सईएन, टोल कंपनी मैनेजर को शामिल किया है। घायलों का इलाज एलएंडटी कंपनी कराएगी। वाहनों को भी एलएंडटी कंपनी ठीक कराएगी।
डॉ. पंकज यादव, एडीसी पानीपत।