पानीपत। मुख्य संसदीय सचिव बख्शीश विर्क की कष्ट निवारण समिति की बैठक में समस्या सुनने की स्पीड शताब्दी से भी तेज रही। उन्होंने मात्र 28 मिनट में 15 फरियादियों को सुना और अधिकारियों का भी पक्ष जाना। सीपीएस ने इस तरह से नौ शिकायतों का समाधान कर दिया, जबकि छह शिकायतों को लंबित रख लिया। कई फरियादी इस तरह शिकायत सुनने व समाधान को देखकर हैरान रह गए। एक विधायक तक बैठक के आखिरी समय में उठकर चला गया। वहीं कष्ट निवारण समिति की बैठक में अधिकारी तो समय पर पहुंच गए, लेकिन समिति सदस्य गिने चुने ही पहुंचे। सीपीएस ने इन सदस्यों की गैरहाजिरी और शिकायत सुनने की स्पीड के सवाल को हंसकर टाल दिया।
वीरवार को लघु सचिवालय के द्वितीय तल स्थित सभागार में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता मुख्य संसदीय सचिव बख्शीश सिंह विर्क और संचालन उपायुक्त डॉ. चंद्रशेखर खरे ने किया। बैठक के पटल पर 15 शिकायतें रखी गई और निर्धारित 10 बजे बैठक शुरू हो गई। सीपीएस ने मात्र 28 मिनट में पटल पर रखी शिकायतों को सुन लिया। जिनमें से नौ शिकायतों का मुख्य संसदीय सचिव ने मौके पर ही निपटान कर दिया और 6 शिकायतें अगली बैठक के लिए लंबित रखी गई। इस मौके पर विधायक महिपाल ढांडा, रोहिता रेवड़ी, रविंद्र मच्छरौली, जिला परिषद की चेयरपर्सन आशु शेरा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद विज, पूर्व जिलाध्यक्ष गजेंद्र सलूजा, एसपी राजेश दुग्गल, एडीसी राजीव मेहता, निगम ायुक्त वीना हुड्डा, एसडीएम विवेक चौधरी, एसडीएम समालखा गौरव कुमारए नगराधीश संदीप अग्रवाल व डीडीपीओ रूपेंद्र मलिक मौजूद रहे।
इस तरह से चली बैठक
बैठक की पहली शिकायत न्यू हाउसिंग बोर्क्ष कॉलोनी निवासी अशोक कुमार की रही। प्रार्थी ने अपनी पैतृक अचल संपति के सही बंटवारे की मांग की। मामले को अगली बैैठक के लिए लंबित रखा गया है। दूसरी शिकायत बिशनस्वरूप कॉलोनी निवासी कमला देवी की रही, लेकिन प्रार्थी बैठक में उपस्थित नहीं हो सकी। जिसके चलते शिकायत को लंबित रख लिया। तीसरी शिकायत गांव बापौली निवासी देवेंद्र कुमार की रही। प्रार्थी ने कहा कि बापौली में उसका पैतृक प्लाट है। जिस पर उसके पड़ोसियों ने कब्जा किया हुआ है। जिसकी एफआईआर दर्ज करवाई जा चुकी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दोनो पार्टियों को बैठाकर समाधान करवा दिया गया है।
चौथी शिकायत भी पुलिस विभाग से ही संबंधित रही। राजपति निवासी गढ़ी सिकंदरपुर ने लड़की को अपहरण करने और शादी कराने की धमकी दी थी। शिकायतकर्ता बैठक में नहीं पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने शिकायत का समाधान करने का दावा किया। पांचवीं शिकायत में राकेश कुमार निवासी जौंधन कलां ने कहा कि उसके छोटे भाई की गत दिनों कस्सी से काटकर हत्या कर दी गई थी, लेकिन हत्यारोपियों के विरुद्ध पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। सीपीएस ने अतिरिक्त उपायुक्त राजीव मेहता को इस मामले की जांच करने के निर्देश दिए और अगली बैठक के लिए लंबित रख लिया। छह नंबर शिकायत गंगा एंक्लेव निवासी सुरेश भाटिया की रही। उसने कॉलोनी के पानी निकासी की सही व्यवस्था न होने व गंदगी हर समय फैले रहने की शिकायत दी। नगर निगम अधिकारियों ने पानी निकासी को लेकर 1175 लाख रुपये से नाला बनाने के लिए टेंडर लगाने की बात रखी। सीपीएस ने मामले को अगली बैठक में रखने के निर्देश दिए गए। शिकायत नंबर सात में पंकज पूनिया निवासी राजपुताना बाजार की रही। उसने नगर निगम क्षेत्र में नक्शा पास करवाए बिना एक व्यक्ति द्वारा दो मंजिला निर्माण करने के आरोप लगाए। उसने कहा कि नगर निगम अधिकारियों द्वारा मनमर्जी बरती गई। निगम अधिकारियों ने इसमें आरोपी पर पुलिस कार्रवाई करने का दावा किया।
सीपीएस ने मामले को देखते हुए शिकायत को लंबित कर दिया। आठ नंबर शिकायत यशराज जताना निवासी चावला कॉलोनी ने एक कबाड़ी द्वारा गंदगी फैलाई गई है। कबाड़ी ने खुले में ही टायर, प्लास्टिक व लोहा रखा हुआ है। जिसके चलते लोग बीमारी के शिकार हो रहे हैं। अधिकारियों ने उपरोक्त शिकायत का समाधान करने का दावा किया, लेकिन सीपीएस ने शिकायत को लंबित रख लिया। शिकायत नंबर नौ राजीव कॉलोनी निवासी सतपाल की रही। उसने आरोप लगाया कि कॉलोनी में एक व्यक्ति गैस सिलेंडर भरता है और शराब भी बेचता है। डीएफएससी ने बताया कि मौके पर गैस रिफिलिंग का कोई मामला नहीं पाया गया। शिकायत नंबर-10 मनोज पांचाल निवासी मोहन नगर की रही। उसने कहा कि ईएसआई का कार्ड होने के बाद भी उसको दवा नहीं दी जा रही। मुख्य संसदीय सचिव ने ईएसआई अस्पताल के इंचार्ज को शिकायतकर्ता के साथ जाकर उसकी समस्या का हल करने के आदेश दिए। इसके अलावा अन्य शिकायतों की भी सुनवाई हुई
समिति सदस्य कुछ ही पहुंच पाए
कष्ट निवारण समिति की बैठक में विभागों के अधिकारी तो समय पर पहुंच गए। उनको बैठक में बार-बार चेतावनी मिलने के बाद कार्रवाई होने का डर था, लेकिन सरकार द्वारा नियुक्त समिति सदस्य बैठक में कुछ ही पहुंच सके। जिसके चलते उनकी कुर्सी या तो खाली रही या फिर पुलिस अधिकारी बैठे। कुछ सदस्य बैठक खत्म होने के बाद एक-एक कर आगे आए और सीपीएस के सामने जाकर हाजिरी लगाने लगे।
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कष्ट निवारण समिति की बैठक में 15 शिकायतों में से नौ का समाधान कर दिया गया है। बैठक समय पर शुरू होने और निर्बाध चलने पर समय पर पूरी हो गई। हर शिकायतकर्ता की बातों को सुना गया और उनको अधिकारियों की कार्रवाई पर संतुष्ट किया गया। समिति सदस्य किसी कारणवश नहीं पहुंच सके होंगे।
बख्शीश सिंह विर्क, सीपीएस, हरियाणा सरकार।