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पीएनजी की सप्लाई न लेने वाले 363 औद्योगिक इकाइयों को सीपीसीबी का नोटिस

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पानीपत। फैक्टरियों से निकलता धुआं। - फोटो : Panipat
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पानीपत। त्योहार का समय उद्योगों के लिए सबसे व्यस्त है। विदेशों से बड़े ऑर्डर मिले हैं, जिन्हें तैयार के लिए 24 घंटे उद्योग चल रहे हैं। पानीपत में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने 363 औद्योगिक इकाइयों को नोटिस जारी किया है। इन इकाइयों में पीएनजी (पाइप नेचुरल गैस) का ईंधन के तौर पर इस्तेमाल सुनिश्चित न कर कोयले का प्रयोग किया जा रहा है।
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आंकड़ों के मुताबिक, पानीपत में अब तक मात्र 24 उद्यमियों ने ही पीएनजी की सप्लाई ली है। उद्यमियों ने सरकार से मांग की है कि उन्हें पीएनजी की सप्लाई लेने पर सब्सिडी मिले। गत 18 दिसंबर 2018 को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने उद्यमियों को निर्देश दिए थे कि 31 मार्च 2019 तक पीएनजी की सप्लाई ले लें, लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार नहीं था। तब एनजीटी ने यह समय सीमा बढ़कर 30 अक्तूबर 2019 कर दी।
इस समय तक भी उद्यमियों ने पीएनजी की सप्लाई नहीं ली। उद्यमियों की मांग पर सरकार ने इस मामले में हस्तक्षेप किया और सरकार के आग्रह पर उद्यमियों को सप्लाई लेने के लिए और समय दे दिया गया लेकिन हालात नहीं बदलते। अब दो साल बाद भी उद्यमियों ने पीएनजी की सप्लाई नहीं ली है। यही कारण है पानीपत का प्रदूषण स्तर लगातार बढ़ता रहा।
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सरकार ने सब्सिडी देने से इनकार किया
उद्यमियों का मत है कि उन्हें पीएनजी की सप्लाई लेने के लिए पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर बदलना पड़ेगा। इसमें 40 लाख रुपये तक का खर्च आएगा। इसलिए सरकार को उन्हें इसमें सब्सिडी देनी चाहिए, लेकिन सरकार ने सब्सिडी देने से इनकार कर दिया। इससे उद्यमियों में निराशा है।
गैस के पैसे देने पड़ेंगे एडवांस, नहीं चलेगा उधार
डायर्स उद्यमी बाजार में माल उधार देना भी बंद करेंगे। एक उद्यमी ने बताया कि पहले कोयला उधार पर ले लेते थे। ऐसे में वे भी अपना माल उधार में दे देते थे, लेकिन अब गैस के पैसे एडवांस में देने पड़ेंगे। वे अपने माल की पेमेंट 15 दिन से अधिक समय तक देने की स्थिति में नहीं हैं।
सूरत और लुधियाना व्यापार जाने की चिंता
पानीपत का डाइंग का कारोबार सूरत और लुधियाना जाने की उद्यमियों में चिंता है। दिल्ली से पानीपत व लुधियाना के माल में प्रति किलोग्राम एक रुपये का अंतर है। पीएनजी इस्तेमाल करने पर रेट 20 से 25 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ाना पड़ेगा। दिल्ली का उद्यमी इतना रेट देने को तैयार नहीं है। ऐसे में उद्यमी अब सूरत व लुधियाना में अपना कारोबार स्थानांतरित कर सकते हैं।
बीते 10 दिन में एक्यूआई 148 अंक उछला
पिछले 10 दिन में पानीपत के वायु गुणवत्ता सूचकांक में 148 अंक की बढ़ोतरी हो गई है। एक्यूआई बुधवार को 226 पहुंच गया। पांच अक्तूबर को पानीपत का एक्यूआई 78 था। प्रदूषण मामलों के एक्सपर्ट डॉ. राजेंद्र के अनुसार ये प्रदूषण स्तर स्वास्थ्य के लिए बहुत खराब है। पीएम-2.5 और पीएम-10 के कण इंसान को बीमार बना रहे हैं।
ऐसे बढ़ रहा है पानीपत का प्रदूषण स्तर-
दिनांक एक्यूआई
5 अक्तूबर 78
6 अक्तूबर 94
7 अक्तूबर 108
8 अक्तूबर 141
9 अक्तूबर 153
10 अक्तूबर 157
11 अक्तूबर 172
12 अक्तूबर 194
13 अक्तूबर 280
14 अक्तूबर 226
एनजीटी के निर्देशों पर होगा काम
एनजीटी की ओर से उद्यमियों को पीएनजी की सप्लाई लेने के निर्देश दिए गए थे। पीएनजी की सप्लाई का काम लगभग पूरा हो चुका है। शहर में 24 उद्यमियों ने ही पीएनजी का कनेक्शन लिया है।इसके लिए 387 इंडस्ट्री चिह्नित की गई थी। जिन्होंने कनेक्शन नहीं लिया और सीपीसीबी की ओर से नोटिस भेज रहे हैं।
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कमलजीत सिंह, रिजनल ऑफिसर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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