पानीपत। नगर निगम हाउस की बजट मंजूरी को लेकर बुलाई बैठक का पक्ष और विपक्ष के पार्षदों ने एक घंटे के जोरदार हंगामे के बीच बहिष्कार किया।
पार्षद बजट पर चर्चा से पहले पिछली बैठक में पास एजेंडों और बाहरी कॉलोनियों की अनदेखी का जवाब चाहते थे और इतना ही नहीं नगर निगम आयुक्त और डीसी के बैठक में न आने से खफा थे। इस बीच पार्षदों ने विभागीय और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली और हाजिरी तक नहीं लगाई।
मेयर ने आठ पार्षदों के साथ 54 करोड़ रुपये का बजट पास करने का दावा किया है, वहीं विपक्ष और पक्ष के कुछ पार्षदों ने इसे अनदेखी बताया है और मेयर समेत पांच पार्षदों के ही बैठक में होने की कही।
हाउस की बजट मंजूरी को लेकर सोमवार को लघु सचिवालय के प्रथम तल पर बैठक रखी। इसमें 23 पार्षद पहुंचे। वार्ड-23 पार्षद शीला बैठक में नहीं पहुंचीं। मेयर का दावा है कि वे बहिष्कार के बाद बैठक में शामिल हुई थी। बैठक की अध्यक्षता मेयर भूपेंद्र सिंह और संचालन नगर निगम के संयुक्त आयुक्त आरएस वर्मा ने किया।
बैठक का समय 3:30 बजे का निर्धारित किया था और 3:33 तक डीसी और आयुक्त नगर निगम अजीत बालाजी जोशी नहीं पहुंच सके। जिस पर बैठक शुरू होने से पहले ही पार्षदों के चेहरे लाल हो गए। पार्षदों ने इसे हाउस का अपमान बताया और मेयर की अध्यक्षता में बैठक शुरू करने का फैसला लिया। मेयर भूपेंद्र सिंह ने कई बार उपायुक्त के पहुंचने का इंतजार करने की कही, लेकिन पार्षद नहीं माने।
वार्ड-दो की पार्षद कमलेश मजोका के ससुर पूर्व पार्षद मदन मजोका ने विकास में अनदेखी बरतने का आरोप लगाया और हंगामा किया। उन्होंने विभागीय और प्रशासन पर बाहरी कॉलोनियों के विकास में अनदेखी का आरोप लगाया और। इसके बाद एक के बाद कई पार्षदों ने आवाज बुलंद कर दी और हंगामा हो गया। पार्षदों ने एडीसी आरएस वर्मा की उपस्थिति में 4:25 बजे तक जमकर हंगामा किया और बैठक का बहिष्कार कर दिया।
संयुक्त आयुक्त आरएस वर्मा ने बैठक का संचालन करते हुए हाउस सदस्यों और विभागीय अधिकारियों के बीच ही बजट रखने और मंजूरी की बात रखी। उन्होंने मीडियाकर्मियों और पार्षद पतियों को बाहर जाने के लिए कहा। इस पर कुछ पार्षदों ने हंगामा कर दिया। उन्होंने कहा कि वे जनता के प्रति जवाबदेह हैं और मीडिया के माध्यम से शहर के लोगों को हाउस की जानकारी होनी चाहिए।
नगर निगम के हाउस की बजट बैठक में एक घंटे तक हंगामा हुआ, लेकिन इस सब के बीच महिला पार्षदों समेत कई पुरुष पार्षद भी चुप रहे। महिला पार्षदों में भाजपा की रोहिता रेवड़ी, इनेलो की सीमा पाहवा, कमलेश मजोका, काजल बठला, सुधा अग्रवाल और मंजू कादियान चुप रहीं। पुरुष पार्षदों में सुरेश वर्मा और अशोक नारंग एक घंटे तक चुप रहे। सुशील शर्मा और सुनील वर्मा एक दो बार आवाज उठाकर अधिकतर समय तक चुप रहे।
नगर निगम के हाउस की बैठक 3:33 बजे शुरू हुई। एडीसी के मीडियाकर्मियों और पार्षद पतियों के बाहर जाने की बात कहते ही हंगामा हो गया। इस बार पर सबकी सहमति बनी। एडीसी ने बैठक को आगे बढ़ाने के साथ सभी पार्षदों को रजिस्टर में हाजिरी लगाने की बात कही, लेकिन पार्षदों ने बैठक के बाद हाजिरी लगाने की बात कही। पार्षदों ने पिछली मीटिंग में पास एजेंडों के बारे में पूछा।
एडीसी ने आचार संहिता लगने के चलते इस विषय पर अगली बैठक में चर्चा करने की बात कही। पार्षदों ने कहा कि पहले विकास और फिर बजट पर बात होगी। एडीसी ने मेयर पर बात डाल दी। इस पर एक पार्षद ने कहा कि बैठक प्रशासन ने बुलाई है, न की मेयर ने। पार्षद सुशील शर्मा ने मेयर के पास पॉवर ही नहीं है और डीसी को बैठक में आना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बैठक नहीं चल सकती और बैठक को रद्द किया जाए। अधिकारियों ने पैसे लेकर कॉलोनी बसा ली, लेकिन विकास के नाम अनदेखा कर रहे हैं। पार्षद ने कहा कि निगम बनाते समय कॉलोनियों का सर्वे किया था। ऐसे में कॉलोनियों के लिए फिर से सर्वे करने की जरूरत नहीं है। इस पर मेयर ने कहा कि नगर निगम का क्षेत्र अवैध नहीं है।
पार्षद जयकुमार ने कहा कि नगर निगम की सालाना आय एक अरब रुपये है, लेकिन कालोनियों की पानी निकासी का खर्च अपनी जेब से खर्च करना पड़ता है। मेयर ने फिर कहा पार्षदों की इज्जत नहीं हो रही। इस पर हरीश शर्मा ने कहा कि पहले मेयर पार्षदों की इज्जत करें। 3:54 पर बैठक में हंगामा मच गया।
एडीसी ने फिर कहा सदस्यों को छोड़ बाकी बाहर जाएं। पार्षद सुखविंद्र कौर करीब चार बजे हाउस की बैठक में शामिल हुई। इसके बाद विपक्षी पार्षद बैठक का बहिष्कार कर चले गए। उनको वापस बुला लिया। पार्षदों ने कहा कि शराब के ठेकों की नगर निगम एनओसी दे देता है, लेकिन श्मशान घाट के लिए मंजूरी नहीं दी जा रही।
बाहरी कॉलोनियों में ट्यूबवेल नहीं लग रहे। हर वार्ड में दो-दो ट्यूबवेलों का सर्वे किया था, लेकिन आज तक ट्यूबवेल नहीं लगाए। मेयर ने भी कहा कि उनको लोगों को मुश्किल से शांत करना पड़ता है।
पार्षद रामरत्न अग्रवाल ने कहा कि सेक्टर-24 की सड़क बनने के कुछ दिन बाद टूट गई। कई बार शिकायत दी हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। एक बार फिर पिछली मीटिंग की प्रोग्रेस पूछी। पार्षदों ने कहा कि वे वेरिफिकेशन करने तक सिमट गए हैं।
एडीसी ने कहा कि हाउस की बैठक में बात करने व रखने का तरीका होता है। रामचंद्र कादियान ने कहा कि एक कंपनी द्वारा लाइन दबाने के लिए 65 लाख की रिकवरी कर ली, लेकिन गली ठीक करने के नाम पर निगम 65 हजार तक नहीं दे रहा।
इसके बाद बैठक में हंगामा खड़ा हो या और 4:25 बजे पार्षदों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। यहां पर मेयर भूपेंद्र सिंह, बृज भूषण, सुखविंद्र कौर, सुशील वर्मा, सुनील शर्मा, मंजू कादियान और प्रवेश नैन ही रह गए।
एडीसी ने कहा कि कुछ पार्षद यहां पर दादागिरी दिखाते हैं। उनको एक्ट की जानकारी होनी चाहिए। एडीसी की इस बात पर मंजू कादियान के पति रामचंद्र कादियान ताव खा गए। उन्होंने कहा कि निगम के अधिकारी पैसे मांगते हैं। वे पैसे नहीं देते तो काम को अटका देते हैं। इस पर मंजू कादियान और प्रवेश नैन भी बहिष्कार कर चले गए। मेयर ने कहा कि इस समय पार्षद और शहर के लोग सब परेशान हैं।
हाउस की पिछली मीटिंग में मंजूर मुद्दों की रिपोर्ट दी जाए।
बाहरी कॉलोनियों से अवैध का कलंक मिटाया जाए।
इन कॉलोनियों के लिए विशेष पैकेज बनाया जाए।
हर वार्ड को दो-दो करोड़ रुपये मिलें।
हर बैठक में मीडिया और पार्षद पतियों को बैठने दिया जाए।
प्रशासनिक और विभागीय अधिकारी पार्षदों की इज्जत करें।
मेयर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि नगर निगम के हाउस की बैठक में 54 करोड़ रुपये का बजट पास है। विपक्षी पार्षदों ने हंगामा किया था और वे बहिष्कार कर चले गए थे। उनके पास हाउस की बैठक में आठ पार्षद थे और एक तिहाई की मंजूरी मिलने के बाद बजट पास कर दिया। नगर निगम के पास 78 करोड़ रुपये और हैं। उन्होंने दावा किया कि बजट में वे खुद (भूपेंद्र सिंह), पार्षद सुशील शर्मा, सुनील वर्मा, बृज भूषण, सुखविंद्र कौर, शीला देवी, प्रवेश नैन व मंजू कादियान मौजूद रही और उन्होंने अपना समर्थन दिया है।
विपक्षी पार्षदों ने बजट पास करने को ड्रामा बताया। भाजपा पार्षद दल के नेता लोकेश नांगरू ने बताया कि प्रशासन की अनदेखी से नाराज होकर 18 पार्षदों ने बहिष्कार किया था। पार्षद शीला देवी बैठक में शामिल नहीं थीं। बहिष्कार के बाद सभी पार्षदों ने स्काईलार्क में बैठक की थी। इसमें बहिष्कार करने वाले सभी 18 और पार्षद शीला देवी उपस्थित रही थी। बहुमत के बिना बजट मंजूर नहीं किया जा सकता।