माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। ऑस्टि्रया से डिपोर्ट किए खालिस्तानी समर्थक हरदीप सिंह के खिलाफ एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनिमय) की कार्रवाई की है। उपायुक्त ने उनको डिटेन कर 13 दिन के लिए जेल भेज दिया है। हरदीप सिंह को 27 अगस्त को दिल्ली एयरपोर्ट से हिरासत में लिया था। इसके साथ ही जिला प्रशासन ने गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र भेजकर डिटेन के समय को तीन माह तक बढ़ाने की मांग की है। हरदीप सिंह का नाम 2009 में पंजाब के जालंधर में हुई हिंसा में भी आया था। वह ऑस्टि्रया में हत्या का दोषी था और अभी जेल से बाहर आया था। उपायुक्त ने सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट पर यह कार्रवाई की है।
पानीपत की वधवाराम कॉलोनी निवासी हरदीप सिंह प्रतिबंधित संगठन खालिस्तानी जिंदाबाद फॉर्स (केजेडएफ) का सक्रिय सदस्य रहा है। मई 2009 में ऑस्टि्रया की राजधानी वियाना में एक सिख धर्मगुरु की हत्या के विरोध में पंजाब में हिंसा हुई थी। जिसमें हरदीप का नाम आया था। वहीं हरदीप 2009 में ही हत्या के एक मामले में आस्टि्रया की जेल में बंद था। हाल ही में सजा पूरी होने के बाद उसे भारत डिपोर्ट किया गया। उसके डिपोर्ट होने की सूचना पर उसके समर्थक सक्रिय हो गए थे। जिस कारण सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई थी। एजेंसियों ने पानीपत जिला प्रशासन को इनपुट भेजा था। इनपुट के आधार पर 27 अगस्त को ही दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने पर हरदीप को हिरासत में ले लिया गया था।
डीसी डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने बताया कि हरदीप के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत कार्रवाई करते हुए डिटेन किया गया और 13 दिन के लिए जेल भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से यह कदम उठाया गया है। डीसी ने उसकी डिटेन के समय को तीन माह तक बढ़ाने के लिए गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र भेजा है।