पानीपत। काफी लंबे समय के बाद अब फिर से निगम कंक्रीट की सड़कों पर मैस्टिक लेयर बिछाने की तैयारी कर रहा है। इस चरण में निगम ने पहली बार बिशनस्वरूप कॉलोनी की एक सड़क पर मैस्टिक लेयर बिछाने का प्रस्ताव तैयार किया है।
इसमें निगम आर्य गर्ल्स स्कूल के पिछले गेट वाली सड़क पर करीब साढ़े नौ लाख रुपये से मैस्टिक लेयर बिछाने का काम करेगा। अधिकारियों का कहना है कि मैस्टिक लेयर बिछाने से कंक्रीट की सड़कों को मजबूती मिलती है। मैस्टिक लेयर में तारकोल के साथ तैयार किए जाने वाले एक मिश्रण की परत सड़क पर डाली जाती है। इससे सड़क पर पानी नहीं ठहरता। जबकि अगर कंक्रीट पानी के संपर्क में आए तो झड़ने लगता है। इससे सड़कों को विशेष परत मिल जाती है।
दूसरा मैस्टिक लेयर बिछाने के दुष्परिणाम ये हैं कि इस मैटेरियल को तैयार करने में वातावरण काफी प्रदूषित हो जाता है। एक भट्टी में तारकोल को पकाया जाता है। इससे उठने वाला धुआं काफी एरिया में कार्बन डाई ऑक्साइड जैसी विषैली गैसे छोड़ता है। जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी होती है। वहीं, अगर मैस्टिक लेयर की परत सही न बिछाई जाए तो ये सड़क को काफी नुकसान भी दे सकती है।
गौरतलब है कि काफी समय के बाद निगम ने कंक्रीट पर मैस्टिक लेयर करवाने का फैसला लिया है। ऐसा इसलिए भी हैं चूंकि इससे पहले होने वाली मैस्टिक लेयर के कामों में कई बार गड़बड़झाले भी सामने आ चुके हैं। तहसील कैंप की सड़कों पर मैस्टिक लेयर को बेढंगे तरीके से बिछाने का लोग विरोध तक कर चुके हैं।
नगर निगम के एक्सईएन प्रदीप कल्याण का कहना है कि मैस्टिक लेयर को गुणवत्तापूर्वक कंक्रीट की सड़कों पर बिछाने से सड़कों के रखरखाव की ज्यादा जरूरत नहीं होती। सड़कों की गुणवत्ता और उम्र तक बढ़ जाती है। काफी लंबे समय तक सड़कों को दोबारा बनाने की जरूरत नहीं होती। इसे विशेष तौर पर नई कंक्रीट की सड़कों पर बिछाने का काम किया जाता है।