पानीपत। पुराना औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगों में काम करने वाले जरूरतमंद और मजदूर वर्ग के लोगों के रहने के लिए नगर निगम ने लेबर हॉस्टल बनाने का प्लान बनाया है। इस काम पर 20 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होने का अनुमान है। यहां करीब दो से तीन एकड़ की जमीन में लेबर हॉस्टल बनेगा।
इसमें दो से तीन मंजिला इमारत में फ्लैट के तौर पर हाॅस्टल का निर्माण कराया जाएगा। इनमें मजदूर तपके के लोग किराए पर रह सकेंगे। खास बात ये है कि निगम इनसे किराया भी वाजिब वसूलेगा। फिलहाल तक नगर निगम को अभी तक ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया में लेबर हॉस्टल बनाने की जगह नहीं मिली है। हालांकि ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया में उद्योग विभाग की काफी जमीन खाली पड़ी है। इस जमीन को लेकर नगर निगम ने उद्योग विभाग को पत्राचार भी किया है।
दूसरी ओर निगम अधिकारियों ने प्लान किया है कि जब तक जगह अलॉट और चिह्नित होगी तब तक निगम इस प्रोजेक्ट की डीपीआर भी तैयार करवा देगा। इसके लिए निगम ने सरकार की ओर से निर्धारित एजेंसियों से आवेदन मांगे हैं। दूसरी ओर नगर निगम ने मॉडल टाउन के रिंग रोड का आधुनिक तरीके से जीर्णोद्धार करने का भी प्लान किया है। इस रोड की खास बात ये रहेगी कि इसमें रोड के साथ पार्किंग भी बनाई जाएगी। शहरी विधायक प्रमोद विज ने दोनों प्रोजेक्ट पर काम करने के निर्देश निगम अधिकारियों को दिए हैं।
ऐसा होगा रिंग रोड
निगम अधिकारियों ने कहा कि मॉडल टाउन के रिंग रोड की चौड़ाई काफी ज्यादा है। इसके दोनों ओर खाली जगह भी है। पहले रोड के बीच में डिवाइडर बनाने का फैसला हुआ था, लेकिन डिवाइडर की वजह से रोड के दोनों ओर की दुकानें प्रभावित हो सकती हैं क्योंकि यहां पर जगह कम बचेगी और दुकानों के पास लोग अपनी गाड़ियां भी पार्क करते हैं। अब रोड के दोनों ओर गाडियों को सही ढंग से खड़ा करने के लिए पार्किंग के स्लॉट बनाए जाएंगे। दोनों ओर फुटपाथ होंगे। रोड भी चौड़ा होगा। यहां फैंसी लाइटें भी लगाई जाएंगी। रोड की सुंदरता बढ़ाने के लिए सभी आवश्यक काम पूरे होंगे। इस प्रोजेक्ट को ज्यादा से ज्यादा बेहतर बनाने के लिए निगम ने डीपीआर तैयार करवाने के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं। इस प्रोजेक्ट पर भी 20 करोड़ से ज्यादा खर्च होने का अनुमान है।
डीपीआर तैयार करेगा असल खाका:
दोनाें प्रोजेक्ट की डीपीआर यानी डिटेल प्रोजेक्ट में पूरा खाका तैयार हो जाएगा। इसमें प्रोजेक्ट के डिजाइन से लेकर लागत, क्षमता आदि का भी ब्योरा शामिल रहेगा। जिसके बाद उपयुक्त प्रोजेक्ट को फाइनल करके निर्माण शुरू कराए जाएंगे।