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अपने ही आदेशों पर डेढ़ महीना भी नहीं टिक पाए निगम अधिकारी, 4 दिन में कर दी सवा 23.31 करोड़ की पेमेंट

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अपने ही आदेशों को ताक पर रखकर निगम अधिकारियों ने महज 4 दिन में 23.31 करोड़ रुपये की पेमेंट कर दी। अब इस पेमेंट पर सवाल उठ रहे हैं। जनप्रतिनिधि भी मामले की जांच में जुट चुके हैं। इसके लिए निगम से पेेमेेंट का पूरा डाटा भी मांग लिया गया है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि पेमेंट करने से पहले जेई, एमई और एक्सईएन को विकास कार्य की गुणवत्ता को परखकर प्रमाणपत्र देना था, जिसके बाद ही पेमेंट हो सकती थी। इस मामले भारतीय क्रांतिकारी सेना के अध्यक्ष दिलबाग देशवाल ने सीएम, गृहमंत्री को देते हुए इसकी उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग की है। दिलबाग देशवाल का कहना है कि इस प्रकरण की विजिलेंस जांच करवाई जाए, जिससे स्थिति साफ हो सके।
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ऐेसे चला प्रकरण
बार-बार लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों पर तत्कालीन निगम आयुक्त की ओर से 7 मई को आदेश जारी किया गया कि किसी भी विकास कार्य की पेमेंट के लिए निगम के जेई, एमई और एक्सईएन को प्रमाणपत्र देना होगा। इसके बाद नवनियुक्त आयुक्त आरके सिंह ने 13 मई को ज्वाइन किया और 20 मई को फिर से आदेशों को दोहरा दिया। महज डेढ़ महीने बाद 28 जून से एक जुलाई तक निगम ने वार्ड नंबर एक से लेकर 26 तक 99 विकास कार्यों की 23.31 करोड़ की पेमेंट हो चुकी है।
ये सवाल उठाए जा रहे
किस वजह से निगम अधिकारियों ने अपने प्रमाणपत्र नहीं लगाए
क्या सभी विकास कार्य डीएनआईटी की शर्तों अनुसार सही थे
क्या सभी विकास कार्य पूरे किए जा चुके थे
क्या विकास कार्यों की गुणवत्ता सही थी
वास्तव में काम हुए भी थे या नहीं
पुरानी फाइलें थीं : डिप्टी डायरेक्टर ऑडिट
जो 23.31 करोड़ की पेमेंट की गई हैं। इनमें ज्यादातर फाइलें पुरानी थीं और नए नियमों को ये लेटर हमारे पास बाद में आए हैं। अब इंजीनियरिंग ब्रांच ने इनमें क्या किया ये वे ही बता सकते हैं।
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-प्रदीप पूनिया, डिप्टी डायरेक्टर ऑडिट, नगर निगम।
सभी अधिकारियों ने नोटिंग की है : आयुक्त
हर प्रकार की पेमेंट के बिलों पर निगम अधिकारियों को नोटिंग करनी होती है। इन पर भी नोटिंग की गई है। ये एक रूटीन प्रक्रिया है। इसमें अलग से कोई खास बात नहीं है।
- आरके सिंह, आयुक्त, नगर निगम, पानीपत।
निगम से मांगा है पूरा डाटा : विधायक
नगर निगम द्वारा जारी किए गए विकास कार्यों की पेमेंट का पूरा डाटा निगम से मांगा गया है। अभी डेटा आने का इंतजार है, जांच होने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
- प्रमोद विज, शहरी विधायक, पानीपत।
शिकायत मिली है करवाएंगे जांच : भट्ट
इस प्रकरण की कई जगह से शिकायतें मिल चुकी हैं। इनकी जांच करवाने के लिए अधिकारियों को कहा गया है। अगर जांच से संतुष्टि नहीं हुई तो किसी दूसरे विभाग के अधिकारियों से पूरे मामले की जांच करवाई जाएगी।
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-दुष्यंत भट्ट, सीनियर डिप्टी मेयर, नगर निगम।
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