शहर में कोरोना वायरस पर हाई अलर्ट जारी है। लोगों में कोरोना न फैले इसको लेकर एहतियात बरती जा रही है। एक तरफ स्टोर संचालकों के पास मास्क का टोटा पड़ा हुआ है। वहीं, दूसरी ओर एक युवक अकेले अब तक सात हजार से ज्यादा विद्यार्थियों को मास्क बांट चुका है। उसकी न कोई संस्था है, न कोई सामाजिक संगठन, फिर भी वह यह नेक कार्य में लगे हुए हैं। वह विद्यार्थियों को कोरोना वायरस से लक्षण, रोकथाम और उपायों के बारे में बताकर जागरूक कर है।
हम बात कर रहे हैं, गांव बबैल के रहने वाले जितेंद्र अहलावत की। वह अपनी जेब खर्च से गवर्नमेंट गर्ल्स स्कूल, इसराना, नंगला गांव के एक प्राइवेट स्कूल, कारद गांव के सरकारी स्कूल, जीएम स्कूल, जौंधन कलां सहित अन्य स्कूलों के सात हजार से अधिक विद्यार्थियों को मुफ्त में मास्क बांट चुके हैं। इनके साथ एक अध्यापिका कुसुमलता भी जुड़ चुकी है। जितेंद्र अहलावत का मानना है कि एक विद्यार्थी अपने माता-पिता, आस पड़ोस सहित अन्य लोगों को जाकर जागरूक कर सकता है, जिसके लिए उन्होंने जनता को जागरूक करने के लिए विद्यार्थियों को जरिया माना। उन्होंने बताया कि वह एक सामान्य परिवार से है, उन्होंने यह शुरुआत इसलिए की है, ताकि कोई भी बच्चा, बुजुर्ग, नौजवान, महिला आदि कोई भी इस प्रकार के वायरस की चपेट में न आए और पहले ही सतर्कता बरत कर इससे बच सके।
रोजाना दो स्कूलों में बांट रहे मास्क, कर रहे जागरूक
जितेंद्र अहलावत ने बताया कि उन्होंने एक लक्ष्य तय किया है, जिसमें वह हर रोज दो स्कूलों के विद्यार्थियों को मास्क बांटेंगे और उन्हें कोरोना वायरस के प्रति लक्षण और रोकथाम के उपाय बता रहे हैं। उन्होंने बुधवार को कारद गांव के गवर्नमेंट स्कूल और जौंधन कला के जीएम स्कूल में हजारों की संख्या में मास्क बांटे हैं।
प्रत्येक व्यक्ति कोरोना वायरस की जंग का सिपाही
उन्होंने बताया कि हर व्यक्ति कोरोना वायरस की जंग का सिपाही है। इसलिए उन्हें खुद के साथ साथ दूसरों को भी इस वायरस से बचने के लिए जागरूक करना चाहिए और मास्क देकर उसकी मदद करनी चाहिए। वहीं, उन्होंने बताया कि अगर किसी में खांसी, जुकाम और बुखार के लक्षण आते हैं तो वह उसी समय स्थानीय सामान्य अस्पताल और जिनी अस्पताल में अपना चेकअप करवाएं, ताकि बड़ी घटना को होने से रोका जा सके।