पानीपत। वित्तीय संस्थान ठेका कर्मचारी संघ, भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध, द्वारा सभी जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के मुख्यालयों पर सरकार की दोहरी नीति के विरोध में सांकेतिक धरना दिया गया। कर्मचारियों ने सेवा सुरक्षा कानून का लाभ न दिए जाने पर गहरा रोष प्रकट किया।
इसी कड़ी में जिला पानीपत केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड के मुख्यालय पर बैंक में कार्यरत सभी अनुबंधित कर्मचारी एकत्रित हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए महाप्रबंधक के माध्यम से अतिरिक्त मुख्य सचिव, सहकारिता विभाग के नाम ज्ञापन सौंपा।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष कुलदीप एवं मजदूर संघ अध्यक्ष सुरेन्द्र कादियान ने कहा कि सरकार ने सेवा सुरक्षा कानून को लेकर दोहरी नीति अपनाई हुई है। जहां एक ओर मुख्यमंत्री द्वारा लगभग 1 लाख 20 हजार कर्मचारियों का रोजगार सुरक्षित करने की घोषणा की गई थी, वहीं दूसरी ओर सहकारी बैंकों में कार्यरत अनुबंधित कर्मचारियों को इस कानून के दायरे से बाहर रखा जा रहा है।
उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन और मुख्य सचिव के पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि 15 अगस्त 2019 से पहले कार्यरत सभी कर्मचारी चाहे वे पार्ट-1, पार्ट-2 या एचकेआरएनएल के अंतर्गत हों। इस कानून के पात्र हैं। इसके बावजूद सहकारी बैंकों के अधिकारियों द्वारा इसे लागू नहीं किया जा रहा, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
संघ नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि सुशासन दिवस पर जारी सेवा सुरक्षा पोर्टल में सहकारी बैंकों को शामिल नहीं किया गया है, जबकि वे कानून की प्रस्तावना में स्पष्ट रूप से शामिल हैं। इसे लेकर कर्मचारियों ने कड़ा विरोध जताया।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें हैं कि सभी सहकारी बैंकों में सेवा सुरक्षा कानून का लाभ दिया जाए, पोर्टल पर सभी कर्मचारियों का डाटा अपलोड किया जाए तथा जो कर्मचारी अभी कानून के दायरे से बाहर हैं, उन्हें 5 वर्ष पूर्ण होने पर सेवा सुरक्षा का लाभ दिया जाए। साथ ही, तब तक उन्हें सम्मानजनक वेतन प्रदान किया जाए। संघ ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी।