रिश्वत का आरोपी हवलदार योगेश। संवाद
पानीपत। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) करनाल की टीम ने तहसील कैंप थाना पुलिस के हवलदार सतीश को 15 हजार रुपये की रिश्वत मामले में कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार की धारा 7 और 13 के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई है।
उधर, इसी मामले में शामिल एएसआई संजय की मुश्किलें अभी भी बनी हुई हैं। एसीबी ने एफआईआर में धारा 61-2 भी जोड़ी है, जो एक से अधिक आरोपी होने की स्थिति में लागू होती है। हालांकि एएसआई संजय को वीरवार रात करीब तीन घंटे की पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया था।
एसीबी करनाल के प्रभारी निर्मल सिंह ने बताया कि उन्हें पवन की लिखित शिकायत प्राप्त हुई थी। इसमें आरोप था कि तहसील कैंप थाना पुलिस ने बुधवार को ड्यूटी के दौरान एक नाबालिग के साथ एक युवक को नूरवाला के पास पकड़ा था। बाद में लड़की की मां को भी थाने बुलाया गया और पूछताछ के बाद दोनों को छोड़ दिया गया, जबकि युवक को थाने में ही रखा गया।
शिकायत के अनुसार, हवलदार सतीश ने मामले को खत्म करने के एवज में पहले 50 हजार रुपये की मांग की और दुष्कर्म का मामला दर्ज करने की धमकी दी। बाद में सौदा 20 हजार और फिर 15 हजार रुपये में तय हुआ। एसीबी टीम ने योजना के तहत 15 हजार रुपये के नोटों पर केमिकल लगाकर शिकायतकर्ता को दिए। जैसे ही शिकायतकर्ता ने तहसील कैंप थाने में हवलदार सतीश को रुपये सौंपे, उसने इशारा किया और टीम ने मौके पर ही उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।
आरोपी से बरामद राशि के आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं 7, 13 और 61-2 के तहत मामला दर्ज किया गया। शुक्रवार को हवलदार सतीश को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए गए।