संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। महाशिवरात्रि पर्व पर एसडी विद्या मंदिर हुडा स्थित पंचदेव मंदिर में देव मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा की गई। इसके साथ ही लोकार्पण किया गया।
मान्यता है कि मंदिर में स्थापित नर्मदेश्वर शिवलिंग में भगवान शिव अपने श्रीखंड महादेव कैलाश आकृति रूप में प्राकृतिक रूप से प्रकट हुए हैं। संपूर्ण ब्रह्मांड के स्वामी भगवान शिव के पंच कैलाश रूप आदि कैलाश, कैलाश मानसरोवर, किन्नर कैलाश, श्रीखंड महादेव कैलाश और मणिमहेश कैलाश हैं।
श्री एसडी एजुकेशन सोसाइटी के प्रधान अनूप गर्ग, सचिव नरेश गोयल, विद्यालय के चेयरमैन सतीश चंद्रा, वाइस चेयरमैन विकास गर्ग, सचिव तुलसी सिंगला व प्रधानाचार्या डॉ. अनु गुप्ता ने सपरिवार शिव रुद्राभिषेक किया।
मंदिर में पंचदेवों की मूर्तियों की स्थापना व प्राण-प्रतिष्ठा पूरे धार्मिक रीति-रिवाज के साथ काशी से पधारे प्रतिष्ठित विद्वान विनय वाशिमकर शास्त्री के आचार्यत्व में पूरे वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ संपन्न कराई। भगवान के प्रथम पट खुलते ही ओम नमः शिवाय, जय श्री कृष्णा के जयघोष गूंजने लगे। तत्पश्चात सभी ने महाआरती की।
विद्यालय के सचिव तुलसी सिंगला ने कहा कि समाज के बदलाव के लिए व्यक्ति में अच्छे गुणों की आवश्यकता होती है जिसकी नींव हमें बच्चों की बाल्यावस्था में ही रखनी पड़ती है। इन्हीं गुणों से उनके जीवन में बदलाव आएगा और वे परिवार, समाज और देश सेवा में आगे बढ़ेंगे। इसी उद्देश्य से विद्यालय में पंचदेव मंदिर की स्थापना की गई है।