जनता समाधान शिविर में उपायुक्त को समस्या रखते फरियादी। स्रोत : सूचना विभाग
पानीपत। जनता समाधान शिविर में सोमवार को 22 लोग अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद के साथ पहुंचे। इनमें फैमिली आईडी में आय संशोधन, पेंशन व राशन कार्ड की अधिक शिकायत रही। इनका भी मौके पर समाधान नहीं किया जा सका। उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने संबंधित अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए।
जिला सचिवालय के दूसरे तल पर सोमवार सुबह 10 बजे जनता समाधान शिविर लगाया गया। लोग सुबह नौ बजे ही अपनी समस्या लेकर पहुंच गए। उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया सोमवार को स्वयं शिकायत सुनने पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से चर्चा की और सरकार की योजनाओं पर काम करने के निर्देश दिए। कहा कि जनता समाधान शिविर केवल शिकायत सुनने का मंच नहीं, बल्कि समाधान देने की प्रशासनिक प्रतिबद्धता है। पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने कहा कि पुलिस विभाग से संबंधित हर शिकायत को गंभीरता से लिया जा रहा है। चोरी, कानून व्यवस्था, सरकारी संपत्ति की सुरक्षा और अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ त्वरित जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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रंजना ने राशन कार्ड बनवाने की मांग की। उन्होंने बताया कि राशन कार्ड के अभाव में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वह इसके लिए अधिकारियों के कई बार चक्कर लगा चुकी है। अधिकारी हर बार आश्वासन देकर टाल देते हैं। ऐसे में राशन कार्ड तक नहीं बन पाया है। उनको जनता समाधान शिविर में अपनी समस्या रखी। यहां भी आश्वासन मिला है।
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रविंदर ने बताया कि फैमिली आईडी में बिजली का मीटर दिखाया गया है। इसके चलते उसे योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता है। उन्होंने इसमें संशोधन की मांग की। क्रीड अधिकारियों को फैमिली आईडी में संशोधन के निर्देश दिए। रविंदर ने बताया कि वह इसके लिए दो महीने से चक्कर काट रहा है। इसमें कोई सुधार नहीं किया गया है।
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पवन ने किसान आईडी बनवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह किसान की डिजिटल पहचान है। इसमें पीएम किसान योजना समेत सभी कृषि योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं। यह पांच मिनट में ऑनलाइन बनाई जा सकती है। उनकी किसान आईडी नहीं बन पाई है। ऐसे में उनको सरकार की किसानों से संबंधित योजना नहीं मिल पा रही है।
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यशपाल ने कहा कि कुछ लोग सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग और अनधिकृत रूप से विज्ञापन लगा रहे हैं। वे इसके लिए कई बार शिकायत कर चुके हैं। अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं करते हैं। ज्यादा दबाव आने पर दिखावा मात्र कार्रवाई करते हैं। इससे सरकार के राजस्व को झटका लगता है।