समालखा। अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन जिला कमेटी पानीपत ने मनरेगा को बहाल करने और वीबी ग्राम जी को रद्द करने की मांग उठाई। खेत मजदूर यूनियन ने केंद्रीय बजट पर भी टिप्पणी की और कहा कि बजट बढ़ती आय असमानता, महंगाई, बेरोजगारी, कृषि संकट, पर्यावरण क्षरण, निरक्षरता और गरीबी जैसी समस्याओं से निपटने में विफल दिखाई पड़ता है। यूनियन ने सोमवार गोयला खेड़ा व भलौर गांव में मजदूरों के साथ बैठक की। अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन राज्य संयुक्त सचिव राजेंद्र व जिला उपाध्यक्ष ओमपाल और सेंटर आफ इंडियन ट्रेड यूनियन जिला कमेटी सदस्य प्रीतम रावल ने केंद्रीय बजट देश की मेहनतकश जनता को नजरअंदाज करने वाला है। इसमें कॉरपोरेट और बड़े पूंजीपतियों का समर्थन साफ नजर आ रहा है। बजट में चुनिंदा उद्योगों को टैक्स रियायत, छूट और यहां तक कि दीर्घकालिक टैक्स हॉलिडे जैसी सुविधाएं देकर बड़े पूंजी को तरजीह दी है जबकि आम नागरिकों को किसी भी तरह की राहत नहीं दी गई है। राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के लिए आवंटन को 659 करोड़ रुपये से घटाकर 400 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना (आईजीडब्ल्यूपीएस) और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना के लिए प्रावधान पिछले वर्ष के स्तर पर ही बने हुए हैं। इस अवसर पर खेत मजदूर यूनियन जिला कमेटी सदस्य धर्म सिंह फौजी, मांगेराम, रमेश, ईश्वर, राजो देवी व राजेश मौजूद रहे। संवाद