पानीपत। जिले में खेलों को बढ़ावा देने के लिए इस बार 45 खेल नर्सरी शुरू की गई हैं। पिछले साल 34 नर्सरी ही चल रही थी। इस बार 11 नई नर्सरी शुरू की हैं। खेल विभाग इसके लिए खिलाड़ियों का ट्रायल के आधार पर चयन करेगा।
सबसे ज्यादा नर्सरी कबड्डी और वॉलीबॉल की हैं। इसके बाद खो-खो और हैंडबॉल की नर्सरी हैं। ग्रामीण अंचल में नर्सरी की संख्या अधिक हैं।
खेल विभाग ने 31 को जिले की खेल नर्सरियों को बंद कर दिया था। इनको एक अप्रैल को फिर से शुरू किया गया है। विभाग का मानना है कि इन दो महीने में विभिन्न कक्षाओं की परीक्षाएं होती हैं। खिलाड़ियों को परीक्षा की तैयारी के लिए उचित समय मिल जाता है। खेल विभाग ने नर्सरियों की सूची जारी कर दी है। खेल नर्सरियों में खिलाड़ियों को प्रारंभिक स्तर से ही प्रशिक्षित किया जाता है। नर्सरियों के लिए खिलाड़ियों के ट्रायल लिया जाता है। जिले में करीब तीन हजार खिलाड़ी विभिन्न खेलों में अभ्यास कर रहे हैं।
कबड्डी की पांच नर्सरी बनाई गई हैं। इनमें बुड़शाम, खलीला माजरा, आट्टा और शहर में होंगी। वॉलीबॉल की पांच नर्सरी हैं। ये सुताना, मतलौडा, बापौली, लोहारी व भादौड़ में होंगी। हैंडबॉल की चार नर्सरी हैं।
ये सरकारी स्कूल शोंधापुर, अहर, सरकारी स्कूल भंडारी और काबड़ी में होंगी। एथलेटिक्स एक नर्सरी समालखा के सरकारी स्कूल में होगी। कुश्ती की दो नर्सरी होंगी। एक डिकाडला और दूसरी शहीद माजरा सिंह सीनियर सेकेंडरी स्कूल खेड़ा में होंगी। बॉक्सिंग की एक नर्सरी आर्या बॉक्सिंग क्लब डाहर में होगी। बास्केटबॉल की दो नर्सरी होंगी। इनमें एक अहर व दूसरी जीएमएस बुड़शाम में होगी। बेसबॉल की एक नर्सरी बबैल में होगी।