पानीपत। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शनिवार देर रात अधिकारियों के साथ शहर का दौरा कर विकास का सच जाना। उन्होंने पुराना शुगर मिल, महराना गांव में कूड़ा निस्तारण स्थल और प्रस्तावित छठ घाट का निरीक्षण किया। उन्होंने पुराना शुगर की जमीन की उपयोगिता पर अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया। इस दौरान अधिकारियों से भी हर विषय के बारे में विस्तार से चर्चा की।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल शनिवार शाम को पानीपत में दो शादी समारोह में शामिल हुए। इसके बाद देर रात उन्होंने गोहाना रोड स्थित पुरानी शुगर मिल की भूमि की उपयोगिता को लेकर दौरा किया। अधिकारियों को निर्देश दिया कि पुरानी शुगर मिल की जगह की अधिक से अधिक उपयोगिता के लिए संभावनाएं तलाशी जाएं ताकि यह भूमि पानीपत शहर के लिए ज्यादा से ज्यादा काम आ सके। विदित है कि गोहाना रोड से पुराना शुगर मिल को डाहर गांव में शिफ्ट किया गया है। अब यहां जमीन खाली है। पहले यहां सेक्टर काटने थे।
मुख्यमंत्री ने इसके बाद गोहाना रोड पर छठ घाट के लिए प्रस्तावित स्थान का दौरा किया। उन्होंने यहां लोगों से भी बात की। बता दें कि मुख्यमंत्री छठ महोत्सव पर पानीपत में मुख्यातिथि थे। उन्होंने पांच करोड़ की लागत से तीन छठ घाट बनाने की घोषणा की थी। इसके अलावा दोनों नहरों के बीच में महराना की जमीन में सूर्य मंदिर बनाने की घोषणा की थी। इसके लिए 21 लाख रुपये देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री की घोषणा के छठे दिन फिर से आना भी चर्चाओं में रहा। उन्होंने छठ घाट की प्रस्तावित जगह पर समुचित व्यवस्था जल्द बनाने के निर्देश दिए और कहा कि इसे जल्द से जल्द सुंदर ढंग से व्यवस्थित तरीके से बनाया जाए।
मुख्यमंत्री इसके बाद महराना गांव स्थित डंपिंग प्वाइंंट पर पहुंचे। उन्होंने यहां शहर से निकलने वाले कूड़े के निस्तारण और स्वच्छ भारत अभियान के बारे में अधिकारियों से चर्चा की। इसे लेकर अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने झुग्गियों में भी लाइट की समुचित व्यवस्था करने के लिए तत्काल निर्देश दिए। उन्होंने महराना गांव में गोशाला बनाने के निर्देश दिए। मौके पर राज्यसभा सांसद कृष्णलाल पंवार और करनाल लोकसभा सांसद संजय भाटिया मौजूद रहे।