जितेंद्र नरवाल
पानीपत। अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई न करने और बार-बार इसकी शिकायत मिलने पर अब सीएम फ्लाइंग ने इसका मोर्चा संभाला है। कुटानी रोड पर काटी जा रही अवैध कॉलोनी के मामले में शुक्रवार को सीएम फ्लाइंग ने नगर निगम कार्यालय में छापा मारा। यहां से कुटानी रोड की अवैध कॉलोनी के दस्तावेज लिए और अधिकारियों से इसकी शिकायत पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट ली और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई करने की बात कही है। निगम अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने इस अवैध कॉलोनी को लेकर पहले से ही डीटीपी को कार्रवाई करने के लिए 21 जुलाई को नोटिस भेज दिया था। वहीं, पुलिस को भी इसके बारे में सूचित कर कार्रवाई के लिए लिखा जा चुका था, लेकिन इसके बाद भी न तो डीटीपी ने इसकी कोई सुध ली ओर न ही पुलिस ने इस पर कोई कार्रवाई की।
खास बात देखने में ये रही कि शुक्रवार को सीएम फ्लाइंग सीधे निगम कार्यालय में पहुुंची और शिकायत संबंधित दस्तावेज बंटोरे और काम करके चली भी गई और इसकी भनक किसी भी अधिकारी या आयुक्त तक को नहीं लगी। जब बात में पता चला कि सीएम फ्लाइंग आई थी तो निगम अधिकारियों के होश उड़ गए।
इनके लिए भी लिखा पत्र
निगम अधिकारियों ने बताया कि उन्हें शिकायत मिली थी कि कुटानी रोड पर पूर्व मेयर सुरेश वर्मा के कार्यालय के साथ करीब दस एकड़ में अवैध कॉलोनी, रेलवे रोड पर काटी जा रही अवैध हरियाणा वूलन मिल की जगह, बाई पास रोड पर देशवाल पैट्रोल पंप के पीछे की जगह, हरिनगर रेलवे लाइन के साथ वाली जमीन, वार्ड नंबर 26 की जगह की रिपोर्ट भी निगम अधिकारियों ने सीएम फ्लाइंग को सौंपी है।
नक्शा बनाकर बेचे जा रहे थे प्लाट
अवैध कॉलोनाइजर कुटानी रोड वाली इस जमीन का नक्शा बनाकर यहां प्लाटिंग करने पर लगे हैं। अब तक करीब आधे प्लाटों को 10 हजार से लेकर 20 हजार रुपये प्रति गज के हिसाब से बेचा जा रहा है। इससे सरकार को भी लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान तो ही रहा है साथ में गरीब लोगों की जीवन भर की जमा पूंजी को भी हड़पने का प्रयास किया जा रहा है।
तहसील में लगे हैं बोर्ड, फिर भी भटक रहे लोग
इस अवैध कॉलोनी में प्लाट न लेने और लोगों को जागरूक करने के लिए पुरानी तहसील में जिला प्रशासन ने बड़े बड़े बोर्ड तक लगवाएं हैं, ताकि कोई भी इन अवैध कॉलोनाइजरों के झांसे में न आ सके। इसके बाद भी यहां के डीलर इसे वैध बताकर धड़ल्ले से प्लाट बेचने पर जुटे हैं।
व्यस्त माहौल में पता नहीं चला : आयुक्त
हमेशा की तरह शुक्रवार को भी निगम कार्यालय में व्यस्त माहौल था। लोगों की शिकायतें सुनी जा रहे थे। एक वीसी भी थी। इसलिए सीएम फ्लाइंग का पता नहीं चल पाया।
सुशील कुमार, आयुक्त, नगर निगम, पानीपत।