पानीपत। क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसाइटी ने हरियाणा क्लेरिकल सर्विसेज बिल-2026 में व्यापक संशोधन की मांग उठाई है। यूनियन ने कहा है कि यह बिल क्लेरिकल सेवा के लिए प्रारंभिक कदम है। इसमें क्लर्कों के ऊपर सीमित पदोन्नति अवसर, कैडर पुनर्गठन, समयबद्ध पदोन्नति और सम्मानजनक वेतनमान जैसे मूल मुद्दों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया है।
जिला प्रधान बलविंद्र ने कहा कि बिल में ग्रुप-डी से क्लर्क पदोन्नति पर विशेष फोकस किया गया है परंतु ग्रुप-डी कर्मचारियों के हित भी तभी सुरक्षित होंगे जब क्लर्कों के ऊपर पर्याप्त पदोन्नति अवसर उपलब्ध होंगे। क्लर्क पद डीड-एंड बना रहेगा तो ग्रुप-डी कर्मचारी भी पूरी सेवा में क्लर्क स्तर तक सीमित रह जाएंगे। इसलिए ग्रुप-डी और क्लेरिकल कैडर दोनों के लिए मजबूत पदोन्नति ढांचा तैयार किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लाए गए बिल में यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि पदोन्नति के बाद ग्रुप-डी कर्मचारियों को वास्तविक आर्थिक लाभ क्या होगा? क्योंकि वर्तमान में अनेक ग्रुप-डी कर्मचारियों का वेतन क्लर्क के समकक्ष है। यदि पदोन्नति के बाद वेतन लाभ नगण्य हो और अन्य भत्तों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़े तो भविष्य में कर्मचारियों से ग्रुप-डी वेतनमान पर क्लर्क का कार्य लेना अन्यायपूर्ण होगा। इसलिए सरकार ग्रुप-डी व क्लर्क दोनों के हितों की रक्षा करते हुए सम्मानजनक वेतनमान लागू करें। राज्य प्रधान जया यादव ने कहा कि सहायक, लेखाकार व कर निरीक्षक सहित अन्य उच्च मंत्रालयिक पद सीधे सेवानिवृत करने के बजाय पदोन्नति दी जाएं। प्रधान राजेश राठी ने समयबद्ध पदोन्नति, वेतनमान संशोधन किया जाएं। प्रेस सचिव अरविंद कौशिक ने कहा कि क्लर्कों और ग्रुप-डी कर्मचारियों के हित एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।