अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। सिविल अस्पताल की 42 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाली नई बिल्डिंग में अगले माह से ओपीडी शुरू हो जाएगी। शुरुआत में बिल्डिंग में एमआरआई और सिटी स्कैन की मशीन रखी जाएंगी। डीजी हेल्थ ने नए भवन का निरीक्षण करने के बाद संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए। इस संबंध में सोमवार को एक टीम पानीपत में आकर मुआयना करेगी। हालांकि, डीजी हेल्थ पुराने अस्पताल नहीं पहुंच पाए।
डीजी हेल्थ डॉ. प्रवीन गर्ग शनिवार दोपहर एक बजकर बीस मिनट पर सिविल अस्पताल पहुंचे। वे सीधे सिविल सर्जन कार्यालय गए। वहां दो बजे तक नई बिल्डिंग और अस्पताल के बारे में चर्चा की। डीजी हेल्थ ने अस्पताल की नई बिल्डिंग का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नई बिल्डिंग में ओपीडी सेवाएं एक माह में शुरू करने के निर्देश दिए। अस्पताल में एमआरआई और सिटी स्कैन शुरू करवाने के लिए जगह का निरीक्षण किया। साथ ही सोमवार को संबंधित अधिकारियों को इसके लिए सिविल अस्पताल भेजने की बात कही। सिविल अस्पताल में एक माह के अंदर एमआरआई और सिटी स्कैन की सुविधा शुरू करने की बात उन्होंने कही। नई बिल्डिंग का निरीक्षण करने के बाद दोपहर 2:25 बजे डीजी हेल्ड दिल्ली की तरफ रवाना हो गए।
नई बिल्डिंग पर खर्च 42 करोड़
उन्होंने बताया कि पानीपत के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए ही करीब 42 करोड़ रुपये की लागत से नई बिल्डिंग बन रही है। इसमें 15 अप्रैल तक ओपीडी ब्लॉक शुरू करने का प्रयास है। अस्पताल में चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। मार्च माह के अंत तक इस कमी के दूर होने की उम्मीद है। सिविल अस्पताल में डायलिसिस और सिटी स्कैन की सुविधा जल्द शुरू करवाई जाएंगी।
डॉक्टरों को रिटेन करने के लिए नई योजनाएं होंगी शुरू
सिविल अस्पताल में डॉक्टरों के न टिकने या निजी अस्पतालों का रुख करने के सवाल पर डीजी हेल्थ ने कहा कि डॉक्टरों को रिटेन करने के लिए नई योजनाएं लेकर आएंगे। इसके तहत जिन डॉक्टरों ने इस्तीफा दिया है या जो ड्यूटी पर नहीं आ रहे, उन पर जल्द ही एकतरफा फैसला कर दिया जाएगा। अस्पताल से डॉक्टर छोड़कर न जाएं, इसके लिए भी नई योजनाएं बनाई जा रही हैं।
वेंटिलेटर के लिए बताई जगह की कमी
सिविल अस्पताल में शिशु गृह में बेहतर सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए डिमांड पूछी गई, लेकिन एमएस डॉ. आलोक जैन ने कहा कि अस्पताल में 14 वाल्वर हैं। उन्होंने वेंटिलेटर की डिमांड रखी, लेकिन साथ ही अस्पताल में वेंटिलेटर की कमी की बात भी कही।
अस्पताल में दिखी अफरा-तफरी
डीजी हेल्थ के सिविल अस्पताल का निरीक्षण करने की सूचना मिलते ही अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। अधिकारी अस्पताल में कमियों को ढूंढते नजर आए। इमरजेंसी से लेकर अस्पताल के सभी वार्डों की सफाई दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। इमरजेंसी के गेट को दोनों तरफ से बंद कर दिया गया। दोनों गेट पर सिक्योरिटी गार्ड तैनात कर दिए गए। केवल गंभीर रूप से घायल मरीजों को ही इमरजेंसी में आने की अनुमति दी गई।
करीब 42 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होनी है बिल्डिंग
अधिकारियों की मानें तो सिविल अस्पताल में करीब 42 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाली निर्माणाधीन बिल्डिंग का कार्य फरवरी 2018 तक पूरा होना है। बिल्डिंग में निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। अस्पताल में ओपीडी सेवाएं शुरू करने के लिए नीचे तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। फिलहाल बिल्डिंग में पत्थर लगाने और फर्श का काम चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि नई बिल्डिंग में एक माह के अंदर ओपीडी सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी।
बीमार पड़े अस्पताल में नहीं गए डीजी हेल्थ
सिविल अस्पताल की नई बिल्डिंग का निरीक्षण करने पहुंचे डीजी हेल्थ डॉ. प्रवीन गर्ग केवल नई बिल्डिंग का निरीक्षण करने के बाद लौट गए। उन्होंने सिविल अस्पताल का दौरा तक नहीं किया।