कोरोना वायरस से जंग में हमारे हीरो जान की परवाह किये बिना कोरोना के मरीजों का इलाज करने वाले व उनके सैंपल लेने वाले डॉक्टर हैं। डॉक्टरों ने अपनी काम भावना से उस कथन को सत्य कर दिया है जिसमें भारत में डॉक्टरों को भगवान का दूसरा रूप कहा गया है। इस संकट की घड़ी में पानीपत में डॉ. कुलदीप अपने काम से सबके लिए प्रेरक बन गए हैं। डॉ. कुलदीप रेरकलां पीएचसी में कार्यरत है। उनको सिविल सर्जन डॉ. संतलाल वर्मा ने सैंपलिंग टीम में लगाया है। उन पर कोरोना के संदिग्ध मरीजों के सैंपल लेने की जिम्मेदारी है। वो अब तक 35 लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज चुके हैं। लगातार 24 घंटे ड्यूटी कर रहे हैं। यहां तक 10 दिन से घर भी छोड़ चुके हैं। अपने सामान के साथ अस्पताल से मात्र 500 मीटर दूर स्काई लार्क में ठहरे हैं, ताकि किसी भी कॉल पर तुरंत अस्पताल पहुंचा जा सके। डॉ. कुलदीप कहते हैं कि उन्हें अपनी जान की परवाह नहीं है बस दिमाग में ये ही रहता है कि लोगों को कोरोना से बचाया जा सके। इस वक्त सभी डेंटल डॉक्टर अपना 100 प्रतिशत दे रहे हैं फील्ड में बाहर से आए लोगों को ट्रेस कर रहे हैं और मरीजों के सैंपल लेने जैसे खतरे से भरे काम को कर रहे हैं। ऐसे में सभी डेंटल डॉक्टर सबके लिए प्रेरक बने हुए हैं।
वीडियो कॉल से करता हूं बात : डॉ. कुलदीप
डॉ. कुलदीप बताते हैं कि वो मूल रूप से समालखा के रहने वाले हैं। पत्नी रितू देवी गृहणी है। घर में 9 माह की बेटी व ढाई साल का बेटा है। उनकी सिविल अस्पताल में सैंपलिंग टीम में ड्यूटी है। सबके अधिक खतरे में आइसोलेशन वार्ड व सैंपलिंग टीम में काम करने वाले डॉक्टर हैं। वो अब तक अपनी ड्यूटी में 35 लोगों के सैंपल ले चुके हैं। उनकी 24 घंटे ऑनकॉल ड्यूटी रहती है। इसलिए वो 10 दिन पहले अपना घर छोड़कर स्काई लार्क में अपना सामान ले आए थे। जब भी समय मिलता है वो स्काई लार्क में पहुंच जाते हैं। घर जाने से डर लगता है क्योंकि उनके कोरोना से संक्रमित होने की संभावना अधिक है। इसलिए बच्चों की सुरक्षा उनकी जिम्मेदारी है। वो वीडियो कॉल करके ही बच्चों को देख लेते हैं। उन्होंने खुद को स्काई लार्क में ही क्वारंटीन कर रखा है।
लोगों से अपील है कि वो घरों में रहे और लॉकडाउन का पालन करें। घर में रहकर हम देशभक्ति का परिचय दे सकते हैं। अगर हमें कोरोना को हराना है तो हम सयंम बरतते हुए घरों में रहना होगा। तभी हम कोरोना को हराकर जीत दर्ज कर पाएंगे।
डॉ. कुलदीप, डेंटल सर्जन पानीपत।