पानीपत। शहर की निवर्तमान सरकार कार्यकाल पूरा होने के तीसरे दिन ही आरोपों में घिर गई। शहरवासियों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने सामने आकर सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं और पांच साल के कार्यकाल में पास बिलों की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग उठाई। इसके साथ ही 6500 में मिलने वाले बोर्ड का 48 हजार बिल बनाने और पार्कों में हुए कामों में भी घोटाले के आरोप लगाए हैं। संगठनों ने मेयर और पार्षदों की पांच साल की संपत्ति की भी जांच की मांग की। इस दौरान अधिकारियों को अच्छा काम करने की सद्बुद्धि के लिए हवन कर आहुतियां भी डालीं।
सर्व समाज के बैनर तले शहर के विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने शहर के बीचोंबीच स्थित जीटी रोड लालबत्ती स्थित संविधान चौक पर हवन किया। पंडित धीरज और मनीष शर्मा ने मंत्रोच्चार किया और लोगों ने करीब पांच किलोग्राम सामग्री और 10 किलोग्राम लकड़ी के हवन में आहुति डाली। उन्होंने मेयर और पार्षदों के कार्यकाल के बाद शहर को छुटकारा मिलने और अधिकारियों को सद्बुद्धि देने की कामना की। इस मौके पर डाॅ. नरेंद्र जेसिया, गुरुद्वारा मार्केट के प्रधान सुरेश बवेजा, स्मॉल स्केल इंजीनियरिंग एसोसिएशन के प्रधान सुखबीर मलिक, सुरेश नारंग, पुरानी सब्जी मंडी एसोसिएशन से जोनी चावला, जिला पार्षद प्रतिनिधि जसबीर जस्सा, पूर्व पार्षद बलजीत सिंह, यशपाल पंवार, सनौली रोड एसोसिएशन के सचिव हरीश सलूजा, डेकोरेटर एसोसिएशन के प्रधान शालू परनामी, दीपक बग्गा, पवन गर्ग व नीलम परनामी मौजूद रहे।
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सरकार अपने कार्यों को जनता के सामने रखें : चुघ
हरियाणा व्यापार मंडल के जिला प्रधान राकेश चुघ ने कहा कि करीब दो हजार करोड़ रुपये का घोटाला शहर में किया गया है। अब विकास की कमान पूरी तरह से अधिकारियों के हाथ में आ गई है। उनकी भगवान से प्रार्थना है कि वह उनको सद्बुद्धि दें और शहर विकास की दिशा में कुछ कदम आगे बढ़ाए।
6500 में मिलने वाले बोर्ड का 48 हजार बिल : अहलावत
सर्व जातीय पंचायत के अध्यक्ष एडवोकेट सुरेंद्र अहलावत ने आरोप लगाया कि शहर की सरकार ने जमकर भ्रष्टाचार किया है। शहर के वार्डों में लगाए बोर्ड असंध रोड पर करीब 6500 रुपये में तैयार किए जाते हैं। निगम में एक बोर्ड का बिल 48 हजार रुपये दिखाया गया है।इसके अलावा स्वागत द्वार बनाने में करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार किया गया है। सरकार को पांच साल के कार्यकाल की जांच कर आरोपियों को सजा देनी चाहिए।
शहर में झूठ की राजनीति : अग्रवाल
पालिका बाजार एसोसिएशन के प्रधान कृष्ण अग्रवाल ने बताया कि शहर के विकास कार्यों को लेकर झूठ की राजनीति की जा रही है। असल में निगम के सदन का कार्यकाल खत्म होने पर सबसे बड़ी राहत विधायक को मिली है। अब जनता का हिसाब लेने का वक्त आ गया है। सरकार को दुबकने की बजाय सामने आकर अपने कार्यों की रिपोर्ट देनी चाहिए। पार्कों में भी घोटाले किए गए। शहरी विधायक खुद पार्कों में हुए घोटालों की जांच के लिए सरकार को पत्र लिख चुके हैं। अब तक इन घोटालों की भी जांच नहीं हो पाई है।
गंगापुरी रोड धरना और आश्वासनों के ड्रामें में फंसा : विशाल वर्मा
हलवाई हट्टा बाजार के प्रधान विशाल वर्मा ने कहा कि गंगापुरी रोड को लेकर दशहरा से पहले निगम कार्यालय पर धरना दिया गया। उनको सड़क बनाने का आश्वासन देकर उठा दिया। उक्त लोगों ने सड़क न बनने पर फिर से धरने की चेतावनी दी थी। यह सड़क आज नहीं बन पाई है। धरना और आश्वासन सब ड्रामा नजर आ रहा है।
अंधेरे में बाजार : सूरी
संयुक्त व्यापार मंडल समिति के प्रधान राजेश सूरी ने बताया कि शहर के बाजारों में किसी प्रकार की व्यवस्था नहीं है। यहां शाम होते ही अंधेरा छा जाता है। निगम की सरकार पूरे पांच साल स्ट्रीट लाइट लगवाने के दावे करती रही। इसके साथ पानी निकासी तक और कूड़ा उठान के भी पुख्ता प्रबंध नहीं किए गए। सरकार ने कूड़े के ड्रामे से कार्यकाल शुरू किया था और इसी ड्रामे पर कार्यकाल पूरा हो गया।
वर्जन
लोगों को इस तरह की नौटंकी नहीं करनी चाहिए। उनके पास कोई सबूत हैं तो सबके सामने लेकर आएं। इसके लिए उनको 10 रुपये का पोस्टल ऑर्डर लगाकर निगम से आरटीआई एक्ट के तहत सूचना मांगनी चाहिए। वे इसके बाद ही कुछ कहें तो ज्यादा बेहतर होगा।
दुष्यंत भट्ट, जिलाध्यक्ष एवं निवर्तमान सीनियर डिप्टी मेयर।