फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राष्ट्रीय एकता के लिए दौड़ा शहर

Sun, 01 Nov 2015 12:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला पानीपत
विज्ञापन
विज्ञापन
लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर शहर राष्ट्रीय एकता को दौड़ा और इसकी शपथ ली। जिले के करीब एक हजार लोगों व विद्यार्थियों ने एक साथ दौड़कर शहर से निकलने वाले दूसरे लोगों को भी इसको अपनाने की सीख दी। सांस्कृतिक मंच पर युवाओं ने देशभक्ति गीतों की शानदार प्रस्तुति से अपना जज्बा दिखाया। युवाओं को लौह पुरुष की शिक्षाओं को अपनाकर जीवन में धारण करने की सलाह मंच से दी गई।
विज्ञापन



सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती शनिवार को राष्ट्रीय एकता के रूप से मनाई गई। यह दो चरणों में हुई। पहले चरण में प्रात: सात बजे लघु सचिवालय से सेक्टर-25 स्थित जिमखाना क्लब तक एकता को लेकर दौड़ लगाई। जिसको परिवहन एवं आवास मंत्री कृष्णलाल पंवार ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि हम सभी को एकता का  परिचय देते हुए देश व प्रदेश के हित के बारे में सोचना है।

जो शपथ हम सब ने  मिलकर ली है उसकी पालना भी हमें राष्ट्र हित के लिए करनी होगी। लोगों को सरदार वल्लभ  भाई पटेल के पद चिन्हों पर चलकर भारत की सम्प्रभुत्ता, एकता, अखंडता को  मजबूत करना होगा। उन्होंने सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्प  अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजली भी दी।   
विज्ञापन


दूसरे चरण में सांस्कृतिक व सद्भावना कार्यक्रम
दूसरा चरण आर्य पीजी कॉलेज में हुआ। यहां पर मुख्यातिथि परिवहन मंत्री कृष्णलाल पंवार रहे। उन्होंने  कहा कि महान व्यक्तियों की बदौलत ही हमें आजादी मिली है सरदार पटेल ने सात सौ  रियासतों को जोड़ने का कार्य किया उससे देश को एक सूत्र में पिरोया जा  सका। सरदार पटेल ने अपना सारा जीवन देश की अखंडता और एकता को समर्पित किया।  वे एक महान देश भक्त, दूरदर्शी व लोकप्रिय नेता थे। इतनी बड़ी संख्या में  देश की रियासतों को बिना किसी रक्तपात के विलय करवाने के कारण लोहपुरुष की उपाधि दी गई। देश की आजादी से पहले वे किसानों के  लिए बहुत  लड़े। जनता ने सत्याग्रह के लिए उन्हें सरदार पटेल की उपाधि दी।   

गुजरात में बन रही है सबसे ऊंची स्टेच्यु
मंत्री  कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि भाजपा सरकार ने गुजरात के नर्मदा जिले में उनका स्मारक बनाने का कार्य किया है। यह कार्य अगले पांच वर्षो में पूरा होगा इसमें  सरदार पटेल की दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इसका नाम  स्टेच्यु ऑफ यूनिटी रखा गया है। उन्होंने कहा कि हमें सरदार पटेल के आदर्शाें से प्रेरणा लेनी चाहिए। आज देश की एकता अखंडता और सुरक्षा बनाए  रखने के लिए समर्पित होने का संकल्प ही सरदार पटेल को सच्ची श्रद्धांजली  है।

युवाओं ने सांस्कृतिक गतिविधियों में दिखाया जज्बा
राष्ट्रीय एकता पर आर्य पीजी कॉलेज में सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। यहां पर कॉलेज विद्यार्थियों देशभक्ति गीतों की शानदार प्रस्तुतियों के साथ सबका मन मोह लिया। परिवहन एवं आवास मंत्री कृष्णलाल पंवार कार्यक्रम से गदगद हो गए। उन्होंने एसडी पीजी कालेज के छात्र राधे को 21 हजार व आर्य पीजी कॉलेज के विद्यार्थियों को 51 हजार रुपये का इनाम के रूप में देने की घोषणा की।

युवाओं को ले जाना होगा देश आगे
पानीपत ग्रामीण के विधायक महिपाल ढांडा ने युवाओं को आगे आने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि आज हर किसी ने राष्ट्र की एकता अखंडता व विकास में पूर्ण सहयोग देने का  संकल्प लिया है, वह टूटना नहीं चाहिए। यह दौड़ देश की एकता को लेकर  आयोजित की गई है। हमें देश के उत्थान और तरक्की को लेकर नई सोच जागृत करनी  होगी।   

समालखा विधायक ने हंसाते हुए जगाया
समालखा विधायक रविंद्र मच्छरौली ने सबको हंसाते हुए जगाया और देश के लिए आगे आने को लेकर प्रोत्साहित किया। उन्होंने युवाओं में उर्जा का संचार होता है और उनको शहीदों के बारे में  पता चलता है। वे आगे आएंगे तो देश भी आगे बढ़ेगा।

एसपी व एडीसी ने भी लौह पुरुष की सीखों पर चलने की दी सीख
एसपी  राहुल शर्मा व एडीसी सुजान सिंह यादव ने युवाओं को लौह पुरुष के बताए रास्ते पर चलने की सीख दी। उन्होंने कहा कि युवाओं को आज के समय में उत्प्रेरक लोगों की बातों  को अपने अंदर समावेश करना चाहिए। भारत के पहले गृह मंत्री के रूप में  उन्होंने जो कार्य किया वह अपने आप में स्वर्णिम इतिहास समेटे हुए है। कॉलेज प्राचार्य डॉ. जगदीश गुप्ता ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में सरदार पटेल के जीवन पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई। इस मौके पर जिलाध्यक्ष गजेंद्र सलूजा, एसडीएम सुभाष श्योराण, नगराधीश विवेक चौधरी, एसडीएम समालखा गौरव  कुमार, तहसीलदार हरिओम अत्री मौजूद रहे।

समाज इन तीन बातों से ले सीख
नंबर एक
समर्पण की भावना
युवा सरदार वल्लभ भाई पटेल के चरित्र से समर्पण की भावना सीख सकते हैं। देश की आजादी के वक्त प्रधानमंत्री चुनने पर बात बनी। 15 कांग्रेसी कमेटियों में से 12 ने सरदार वल्लभ भाई पटेल का नाम प्रस्तावित किया और बाकी तीन ने किसी का भी नाम नहीं रखा। सरदार वल्लभ भाई पटेल ने समर्पण का परिचय दिया और पंडित जवाहरलाल नेहरु को प्रधानमंत्री के लिए प्रस्ताव पेश किया।

नंबर दो
निर्भिक थे, ठान लेने पर पाते थे
सरदार वल्लभ भाई पटेल की दूसरी विशेषता उनकी निर्भिकता थी। वे वस्तु स्थिति का आंकलन करते थे और फिर आगे आ जाते थे। वे एक बार आगे आने के बाद पीछे नहीं हटते थे। उन्होंने देशवासियों के अंग्रेजों के सामने खड़ा तक कर दिया। उनका मानना था कि व्यक्ति को अच्छे कल के लिए कष्ट सहन कर लेना चाहिए।

नंबर-तीन
अहिंसा का एक समय तक देते थे साथ
सरदार वल्लभ भाई पटेल अहिंसा को मानते थे, लेकिन एक सीमित दायरे तक। उनका मानना था कि व्यक्ति को बात-बात पर हिंसा नहीं करनी चाहिए। उसको अहिंसा अपनानी चाहिए, लेकिन वह भी कायर कहलाने तक। जब कोई कायर कहने लगे तो अपना रास्ता अपना लेना चाहिए।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें