सोमवार सुबह हुई रिमझिम फुहारों ने एक बार फिर उमस भरी गर्मी का गरूर तोड़ दिया। इससे लोगों को उमस भरी गर्मी गर्मी से राहत मिली, वहीं धान रोपाई में लगे किसानों को भी राहत दी। वहीं, कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इन दिनों अलग-अलग क्षेत्रों में हो रही बारिश और सोमवार सुबह हुई रिमझिम फुहार सभी फसलों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी।
वहीं, लगभग 15 दिन पहले तुफानी बारिश के पानी में डूबी निचले क्षेत्रों में रोपी गई धान बरसाती पानी में डुबी रहने से खराब हो गई है। जिले में पहली मानसूनी तुफानी बारिश और उसके चार दिन बाद हुई मुसलाधार बारिश के बाद निचले खेतों में बारिश का पानी भर जाने से रोपी गई धान की फसल डूब गई थी। इससे प्रभावित किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें देखी जा सकती हैं। परेशान किसानों गांव भालसी वासी किसान बलवान सिंह, दिनेश कुमार, जितेंद्र कुमार, नौल्था वासी अजीत सिंह, महावीर ने बताया कि उनके निचले खेतों में रोपी गई धान बरसाती पानी में डूबकर खराब हो गई है। उनके पास दोबारा धान रोपने के लिए पौध भी नहीं बची है जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं।
तापमान में आई गिरावट
सोमवार सुबह उमड़े बादलों और रिमझिम फुहारों ने लोगों को गर्मी से राहत दिलाने का काम किया। इससे तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। हालांकि दोपहर बाद फिर से तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। सोमवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं नमी की मात्रा 68 प्रतिशत दर्ज की गई जबकि हवा की गति लगभग 15 किलोमीटर प्रति घंटा बनी हुई थी।
बरसात किसानों के लिए काफी फायदेमंद है। हालांकि निचले क्षेत्र के खेतों में बारिश का पानी भर जाने से फसल प्रभावित हो सकती है। इन दिनों हो रही बरसात फसलों के लिए रामबाण साबित होगी। वहीं अगले दो दिन बारिश होने के आसार बताए जा रहे हैं।
वीरेंद्र आर्य, उपनिदेशक, कृषि विभाग, पानीपत।