पानीपत। सीआईडी की चिट्टी से नगर निगम अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। नगर आयुक्त को भेजी गई इस चिट्ठी में प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच में सक्रिय चार दलालों के नाम हैं। इसके साथ ही आउटसोर्सिंग में निगम में भर्ती चार लिपिक एवं दो अन्य के नाम भी हैं। इन सभी पर रिश्वत लेकर लोगों की प्रापर्टी आईडी बनाने का आरोप लगाया गया है। अब चिट्ठी के आधार पर जांच की जाएगी।
सीआईडी प्रमुख आलोक मित्तल ने मंगलवार को नगर निगम आयुक्त आरके सिंह को एक चिट्ठी भेजी। इसमें आरोप लगाया गया है कि प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच में चार दलालों के जरिए भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है। चिट्ठी में निगम कर्मियों के नाम भी दिए गए हैं, जो दलालों के साथ मिलकर भ्रष्टाचार कर रहे हैं। अब इस मामले में नगर नगर निगम आयुक्त जांच करेंगे और इसकी रिपोर्ट मुख्यालय सौंपी जाएगी। चिट्ठी में लिखा है कि प्रापर्टी आईडी बनाने के एवज में दलालों के साथ मिलकर रिश्वत ली जा रही है। फाइलों पर आपत्ति लगाकर आवेदकों से वसूली की जा रही है। आरोप है कि इस काम में एक लिपिक का भाई भी शामिल है, जिसके नाम का भी उल्लेख किया गया है।
तीन दलाल पानीपत और एक यमुनानगर का
चिट्ठी में चार लोगों के नाम लेते हुए उन्हें प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच में सक्रिय दलाल बताया गया है। इनमें तीन दलाल पानीपत और एक यमुनानगर का रहने वाला है। एक दलाल हुडा पार्ट-1, दूसरा न्यू रमेश नगर, तीसरा पानीपत नई सब्जी मंडी और चौथा जगाधरी यमुनानगर का रहने वाला बताया गया है।
सीआईडी की ओर से पत्र प्राप्त हुआ है। इसमें कुछ नाम लिए गए है। इनके खिलाफ प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच में भ्रष्टाचार करने का आरोप है। चिट्ठी के आधार पर मामले की जांच की जाएगी। इसके बाद कार्रवाई होगी। - आरके सिंह, आयुक्त, नगर निगम पानीपत