होटल गोल्ड में भारत आस्ट्रेलिया क्रिकेट मैच के हाई प्रोफाइल सट्टे की जांच को ट्रांसफर कर दिया है। अब इस पूरे मामले की जांच सीआईए-सोनीपत करेगी।
अधिकारियों को गोहाना के सस्पेंड एसएचओ के पहले चांदनी बाग में एसएचओ रहने के चलते जांच प्रभावित होने की आशंका है।
वहीं पहले आईजी द्वारा होटल में सट्टा पकड़ना और फिर जांच को ट्रांसफर करना पानीपत पुलिस के विश्वासास पर भी सवाल है। इस पूरे मामले के बाद गोहाना सिटी एसएचओ ऋषिकांत की परेशानी बढ़ गई है।
आईजी टीम द्वारा जीटी रोड स्थित होटल गोल्ड में भारत-आस्ट्रेलिया क्रिकेट पर सट्टे के सरगना समेत सात आरोपियों को काबू करने के बाद अब जांच सस्पेंड गोहाना सिटी एसएचओ ऋषिकांत की तरफ बढ़ा दी है।
एसएचओ ऋषिकांत को बुधवार रात को ही सस्पेंड कर लाइन हाजिर कर दिया था। पुलिस के आला अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया है।
पूरे मामले की जांच को थाना चांदनी बाग पुलिस से लेकर सोनीपत सीआईए को सौंप दी है। अब इस पूरे मामले की जांच सीआईए प्रभारी इंदिवर करेंगे।
रेंज अधिकारियों के आदेशों के बाद थाना चांदनी बाग के साथ जिला पुलिस में भी हरकत शुरू हो गई। इस मामले में अधिकारियों की नजर पडने पर सस्पेंड एसएचओ ऋषिकांत की भी मुश्किलें बढ़ गई हैं।
बुधवार को आईजी श्रीकांत जाधव की स्पेशल टीम ने होटल गोल्ड से वेदप्रकाश उर्फ वेदू निवासी सिक्का कॉलोनी सोनीपत, रामचंद्र उर्फ रामाजी निवासी देवनगर सोनीपत, सुमित उर्फ काले निवासी देवनगर सोनीपत और बिट्टू निवासी अबोहर पंजाब को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया था।
चारों भारत-ऑस्ट्रेलिया के मैचों पर बड़ा सट्टा लगाए हुए थे। चारों पिछले 40 दिनों से होटल गोल्ड के कमरे का इस्तेमाल कर रहे थे।
पुलिस ने सटोरियों से भारी मात्रा में सामान भी बरामद किया था। पुलिस ने होटल की डीवीआर को जब्त कर लिया था। पुलिस ने इसके बाद सरगना ललित उर्फ लवली व नरेंद्र उर्फ नंदी को भी गिरफ्तार कर लिया था।
इस मामले में होटल कैशियर लक्ष्मी दत्त व मैनेजर मनोज कुमार की गतिविधियां भी संदिग्ध लगी। इसमें इन दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस ने इसी मामले में गोहाना के तत्कालीन एसएचओ ऋषिकांत को भी जांच में शामिल किया था। ऋषिकांत द्वारा ही इन सबको होटल में कमरा दिलवाया गया था। आईजी ने इंस्पेक्टर ऋषिकांत को सस्पेंड कर लाइन हाजिर कर दिया था। अब तक इस मामले की जांच थाना चांदनी बाग पुलिस कर रही थी।
एसएचओ ने दिलवाया था कमरा
गोहाना के सिटी एसएचओ पानीपत के चांदनी बाग में थाना प्रभारी रह चुके हैं। उन्होंने आठ अक्तूबर को सट्टेबाजों को पानीपत के होटल गोल्ड में कमरा दिलवाया था।
सट्टेबाज इसके बाद पानीपत में आकर ही पूरा खेल खेलने लगे। वे अब तक 31 मैचों पर सट्टा लगा चुके हैं। पुलिस अधिकारी इस बात को जानने में लगे हुए हैं, कहीं गोहाना के सस्पेंड एसएचओ तो सट्टे का खेल नहीं चला या चलवा रहे थे।
पानीपत के होटल में बड़ा सट्टा पकड़ा गया था। इस तरह के काम में एसएचओ का नाम आना चिंता का विषय है। वे अधिकारियों व कर्मचारियों को इमानदारी के साथ काम करने की सलाह देते हैं। इसके बाद कोई गलत काम करता है तो उस पर भी कानूनी कार्रवाई होगी। पानीपत के सट्टा मामले की जांच सोनीपत ट्रांसफर कर दी गई है।
श्रीकांत जाधव, आईजी रोहतक रेंज।