पानीपत। शहर की सरकार तीन माह 21 दिन बाद मंगलवार को सदन की बैठक करेगी। यह इस सदन की लगभग अंतिम बैठक रहेगी। पार्षद विकास कार्यों में अनदेखी और निगम में घपले घोटालों को लेकर हंगामा करने की तैयारी कर चुके हैं। उन्हें समझाने के लिए मेयर ने एक दिन पहले सोमवार को विश्राम गृह में बैठक बुलाई। वहीं, सदन की बैठक का स्थान भी बदल दिया गया। अब बैठक ताऊ देवीलाल कॉम्प्लेक्स के नगर निगम कार्यालय के बजाय जिला सचिवालय स्थित उपायुक्त कार्यालय में होगी, जिसमें सार्वजनिक तौर पर एजेंडे मांगे गए। इनमें सोमवार शाम तक आठ सार्वजनिक, 17 मनोनीत पार्षद के और 196 एजेंडे 16 वार्डों से प्राप्त हुए। अब तक 213 एजेंडों पर चर्चा की जाएगी।
नगर निगम ने कूड़ा संग्रह की शहरवासियों को जानकारी देने के लिए चुपचाप 45 लाख रुपये का ठेका दे रखा है। इसकी जानकारी पार्षदों से लेकर सफाई कमेटी के पदाधिकारियों तक को नहीं हुई। सदन की बैठक से एक दिन पहले मेयर ने पार्षदों की बैठक बुलाई और उनसे एजेंडे मांगे। इनमें इस ठेके को भी शामिल किया गया। बैठक में मौजूद तकरीबन सभी पार्षदों ने कहा कि उन्हें तो इसकी जानकारी तक नहीं है। सफाई कमेटी के सदस्यों ने भी इसकी जानकारी न होने की बात कही। इसके बाद फैसला लिया गया कि निगम ठेकेदार पेमेंट जेबीएम कंपनी के खाते से काटकर देगा।
दूसरी ओर वार्ड 15 की पार्षद सुमन छाबड़ा ने कहा कि उनके वार्ड में संजय पार्क की फाइल निगम अधिकारियों ने गुम कर दी है। इससे पहले भी रेलवे लाइन किनारे पार्क में निगम अधिकारियों ने घोटाला किया था, जिसकी जांच आज तक सार्वजनिक नहीं हो पाई है। अब फिर से निगम अधिकारी 15 लाख के टेंडर में घोटाला करने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने निगम अधिकारियों पर आरोप लगाया है कि ये अधिकारी बिना सड़कें बनाए करोड़ों रुपये का भुगतान कर दे रहे हैं। उनके इस दूसरे पार्क की ग्रांट को भी भ्रष्ट अधिकारी ऐसे ही हजम कर जाएंगे। इस पर वे सदन में हंगामा करने के मूड में हैं। उन्होंने कहा कि उनकी मांग केवल फाइल गुम करने वाले अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज करवाने की होगी।
तीसरा सबसे गर्म मुद्दा वार्ड 18 के पार्षद बलराम मकौल का रहेगा। बलराम ने भी चेतावनी दी है कि अगर सदन की बैठक में उनके बकाया वर्क ऑर्डर जारी नहीं किए गए तो वे फिर से निगम और अधिकारियों के कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू कर देंगे। इसके साथ पार्षद निगम अधिकारियों से नगर निगम फंड, विधायक निधि, राज्य सरकार और केंद्र सरकार की ओर से जारी अनुदान के उपयोग की जानकारी भी निगम अधिकारियों से लेंगे। उन्होंने कहा कि अब उन्हें यह जानकारी चाहिए कि किस राशि से किस वार्ड में कितना काम हुआ है, ताकि वे शहर के लोगाें को बता सकें कि कुछ चुनिंदा लोग उनके वार्ड के लोगों के साथ विकास कार्याें पर राजनीति कर रहे हैं।
बैठक में शामिल अन्य कई जनप्रतिनिधियों ने कहा कि वे सदन की बैठक में मेयर से सिर्फ यह सवाल पूछेंगे कि ये उनके कार्यकाल का अंतिम समय है। इसके बाद भी चार माह बाद बैठक बुलाई जा रही है। जबकि यह बैठक हर माह होनी चाहिए थी।
नगर निगम हाउस की बैठक का स्थान बदला गया है। अब बैठक उपायुक्त कार्यालय में होगी। यह बैठक दोपहर बाद दो बजे शुरू होगी। इसे लेकर सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
- राहुल नरवाल, आयुक्त नगर निगम।