पानीपत। थाना तहसील कैंप क्षेत्र में वधवाराम कॉलोनी निवासी चिराग का शव मिलने के बाद से परिजनों में आक्रोश है। परिजनों ने नगर निगम के जेई के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कार्रवाई न होने तक परिजनों ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराने से इन्कार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने परिजनों के लिखित में बयान दर्ज कराए। इसमें परिजनों ने जेई पर काम कराकर पैसे न देने के आरोप लगाए। पुलिस ने बयान जांच में शामिल कर लिए। इसके बाद परिजन मान गए और दोपहर बाद पुराना औद्योगिक थाना पुलिस ने चिराग के शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया।
तहसील कैंप क्षेत्र के कलंदर चौक निवासी दीपक ने बताया कि उनकी मौसी के बेटे चिराग तहसील कैंप थाना क्षेत्र में खन्ना चौक के पास रहते थे। वह 15 अक्तूबर को घर से निकले थे और लापता हो गए थे। उनकी स्कूटी, मोबाइल फोन और कपड़े व जूते असंध रोड पर नहर किनारे मिले थे जिससे आशंका जताई जा रही थी कि चिराग ने नहर में छलांग लगा दी है। परिजनों ने थाना पुराना औद्योगिक पहुंचकर गुमशुदगी दर्ज कराई थी। उस समय पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी थी। शनिवार को चिराग का शव दिल्ली पैरलल नहर में खुबडू झाल से कुछ पहले मिला था।
शव की शिनाख्त करने के बाद परिजनों ने चिराग की मौत के लिए नगर निगम के जेई को जिम्मेदार ठहराया था। उनका आरोप था कि चिराग नगर निगम में टेंडर लेकर दीपावली व अन्य त्योहार पर सरकारी आवास और कार्यालय सजाते थे। उन्होंने पिछले साल दिवाली पर अधिकारियों के आवास सजाए थे। नगर निगम में कार्यरत एक जेई ने उनसे यह काम कराया था। इसका करीब डेढ़ लाख रुपये का भुगतान बाकी है। इस कारण जेई उन्हें लगातार धमकी दे रहे थे। ब्यूरो