संवाद न्यूज एजेंसीपानीपत। ग्रीष्मकालीन अवकाश अब अंतिम दौर में है और बुधवार से जिले के स्कूलों में फिर से रौनक लौट आएगी। करीब एक माह की छुट्टियों के दौरान बच्चों ने केवल मनोरंजन ही नहीं किया, बल्कि रुचि के अनुसार खेल, कला, संगीत, नृत्य, योग, पठन-पाठन और विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेकर अपने व्यक्तित्व को नई दिशा दी। अब स्कूल खुलने पर विद्यार्थी अपने समर प्रोजेक्ट, रचनात्मक कार्य और छुट्टियों के अनुभव साथ लेकर कक्षाओं में लौटेंगे।
जिले के सरकारी और निजी विद्यालयों ने अवकाश के दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न शैक्षणिक व रचनात्मक गतिविधियों से जोड़कर रखा। बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण, पुस्तक अध्ययन, मॉडल निर्माण, हस्तकला, विज्ञान परियोजनाएं और परिवार के साथ सामाजिक गतिविधियों में हिस्सा लिया। कई विद्यालयों ने छुट्टियों के दौरान किए गए कार्यों का रिकॉर्ड तैयार करने और स्कूल में उसे प्रस्तुत करने को भी कहा है।
वहीं बड़ी संख्या में बच्चों ने खेल प्रशिक्षण शिविरों में हिस्सा लेकर क्रिकेट, बैटमिंटन, तैराकी, कबड्डी और एथलेटिक्स का अभ्यास किया। दूसरी ओर ड्राइंग, पेंटिंग, स्केचिंग, संगीत और नृत्य सीखने वाले बच्चों ने भी अपनी प्रतिभा को निखारने का भरपूर प्रयास किया। शिक्षकों का कहना है कि छुट्टियों में सीखी गई नई बातें बच्चों के आत्मविश्वास, अनुशासन और रचनात्मक सोच को मजबूत बनाती हैं।
अभिभावकों का भी मानना है कि इस बार बच्चों ने मोबाइल और टीवी पर समय बिताने के बजाय रचनात्मक गतिविधियों को अधिक महत्व दिया। इससे न केवल उनका मानसिक और शारीरिक विकास हुआ, बल्कि नई चीजें सीखने की उत्सुकता भी बढ़ी है। अब बच्चों में स्कूल खुलने और अपने दोस्तों और शिक्षकों से मिलने को लेकर भी उत्साह है।
अब समर प्रोजेक्ट की होगी प्रस्तुति
स्कूल खुलते ही अधिकांश विद्यालयों में विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए समर प्रोजेक्ट, मॉडल, गतिविधि फाइलें और पुस्तक समीक्षा प्रस्तुत कराई जाएगी। शिक्षक इन कार्यों का मूल्यांकन करेंगे और छुट्टियों में सीखे गए अनुभवों पर विद्यार्थियों से चर्चा भी करेंगे। इससे बच्चों को अपनी रचनात्मकता प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।